Rashtra Bharat Logo

नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज में शोधार्थियों के लिए 10 दिवसीय पाठ्यक्रम का शुभारंभ

नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज में शोधार्थियों के लिए 10 दिवसीय पाठ्यक्रम का शुभारंभ
PhD research methodology course Nagpur: नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज में शोधार्थियों के लिए 10 दिवसीय पाठ्यक्रम का शुभारंभ (Image: AI)

PhD research methodology course Nagpur: नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज में 18 से 30 जून 2026 तक पीएचडी शोधार्थियों के लिए 10 दिवसीय पूर्व-पीएचडी शोध पद्धति पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। पीएम-उषा 3.0 योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 62 शोधार्थी शामिल हुए हैं। पाठ्यक्रम में शोध लेखन, एआई उपकरण, सांख्यिकीय विश्लेषण और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

शोध कार्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

PhD research methodology course Nagpur: नागपुर। धनवटे नेशनल कॉलेज में बुधवार, 18 जून से 10 दिवसीय पूर्व-पीएच.डी. रिसर्च मेथडोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू हुआ। यह कार्यक्रम 30 जून 2026 तक चलेगा। इसमें कुल 62 पीएच.डी. शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

यह पाठ्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पीएम-उषा (PM-USHA) 3.0 योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इसे कॉलेज के पीएचएलआर (PHLR) और आईक्यूएसी (IQAC) ने मिलकर आयोजित किया है। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान विभाग का भी सहयोग है।

उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. अखिलेश पेशवे मुख्य अतिथि रहे। मंच पर डॉ. मंगला हिरवाडे, डॉ. प्रशांत कोठे, डॉ. वैशाली मालोदे, डॉ. के.डी. मेघे और डॉ. राजेश तिमाने उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. पंजाबराव देशमुख एवं राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई।

62 शोधार्थियों को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

डॉ. के.डी. मेघे ने शोध पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों से कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। डॉ. मंगला हिरवाडे ने अंतरविषयक शोध की जरूरत और सामाजिक समस्याओं के समाधान में शोध की भूमिका पर जोर दिया। डॉ. अखिलेश पेशवे ने शोधार्थियों को नवाचारपूर्ण और समाजोपयोगी अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत कोठे ने शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।

पाठ्यक्रम में शोध अवधारणा, प्रस्ताव लेखन, गुणात्मक व मात्रात्मक अनुसंधान, एसपीएसएस (SPSS) सॉफ्टवेयर, एआई (AI) उपकरण, साहित्य समीक्षा, प्रकाशन नैतिकता और संदर्भ प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। समापन समारोह और अंतिम परीक्षा 30 जून को होगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।