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आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति

आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)

Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल नगर निगम के 85 नंबर वार्ड स्थित शरणार्थी विकास केंद्र में एक राजनीतिक दल के झंडे, राहत कार्य में उपयोग होने वाले कंबल और खाली शराब की बोतलें मिलने का आरोप लगा है। भाजपा ने इस घटना का विरोध करते हुए जांच की मांग की और केंद्र पर ताला लगा दिया। स्थानीय पार्षद ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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Asfi Shadab
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शरणार्थी विकास केंद्र में मिली सामग्री पर बढ़ा विवाद

Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 85 स्थित रिफ्यूजी डेवलपमेंट सेंटर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कार्यालय के अंदर तृणमूल कांग्रेस के कई पार्टी झंडे, पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के शौचालय से शराब की खाली बोतलें और सरकारी राहत के लिए रखे गए कंबल बरामद हुए। मामला सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यालय में ताला जड़ दिया गया।

Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)

भाजपा जिला अध्यक्ष काकोली घोष ने आरोप लगाते हुए कहा, “रिफ्यूजी डेवलपमेंट ऑफिस में तृणमूल के कई पार्टी झंडे रखे हुए थे, साथ ही पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के शौचालय से शराब की बोतलें और राहत के लिए इस्तेमाल होने वाले कंबल बरामद हुए। घटना सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई।”

काकोली घोष के अनुसार, कल पश्चिम बंगाल दिवस के आयोजन के लिए इस क्षेत्र की सफाई के दौरान यह मामला सामने आया।

Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)

भाजपा ने जांच की मांग करते हुए किया विरोध प्रदर्शन

उन्होंने आगे आरोप लगाया, “इस तरह सरकारी राहत सामग्री को बर्बाद करना और सरकारी कार्यालय के अंदर तृणमूल के पार्टी झंडे मिलना — इस घटना में स्थानीय पार्षद की संलिप्तता हो सकती है।”

हालांकि इस मामले में स्थानीय पार्षद ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

आगे क्या: इस मामले में स्थानीय पार्षद और नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
Asansol Refugee Development Centre TMC flags controversy: आसनसोल में शरणार्थी विकास केंद्र से पार्टी झंडे और राहत सामग्री मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति (Photo: RB / Ekbal)


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।