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राहुल गांधी के हर वक्तव्य से कांग्रेस को होता है नुकसान: किरेन रिजिजू

राहुल गांधी के हर वक्तव्य से कांग्रेस को होता है नुकसान: किरेन रिजिजू
Rahul Gandhi Comments Congress Loss – किरेन रिजिजू ने कहा, हर बार राहुल गांधी के बोलने से कांग्रेस को होता है नुकसान (File Photo)
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Asfi Shadab
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राहुल गांधी के हर वक्तव्य से कांग्रेस को होता है नुकसान: किरेन रिजिजू

नई दिल्ली, 30 अक्तूबर 2025 (वार्ता):
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब-जब राहुल गांधी बोलते हैं, कांग्रेस पार्टी को केवल नुकसान ही झेलना पड़ता है। रिजिजू ने कहा कि देश की जनता विकास की राह पर आगे बढ़ रही है, परंतु कांग्रेस अपनी ही गलतियों के कारण पिछड़ती जा रही है।


राहुल गांधी के बयान से कांग्रेस में मची हलचल

किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के हालिया बयानों से कांग्रेस के अंदर असहजता पैदा हो गई है। बिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री वोट पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, यहां तक कि नाचने से भी परहेज़ नहीं करेंगे।”
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में नीतीश कुमार सरकार को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चला रही है।

रिजिजू ने इस बयान को कांग्रेस की “राजनीतिक अपरिपक्वता” का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्तव्यों से कांग्रेस के अच्छे नेता भी शर्मिंदा महसूस करते हैं। “कोई भी जिम्मेदार नेता इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता,” उन्होंने जोड़ा।


“कांग्रेस के अच्छे नेता भी शर्मिंदा हैं”

रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस में अब भी कई अच्छे लोग हैं, लेकिन वे राहुल गांधी के बयानों से खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। “राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का उपयोग करते हैं, उससे कांग्रेस की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठता है,” रिजिजू ने कहा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी की राजनीति अब “जनसंपर्क से अधिक जनविरोधी” बनती जा रही है।


रिजिजू का दावा — जनता कांग्रेस को सत्ता में नहीं लौटाएगी

किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि जब तक राहुल गांधी इस प्रकार के बयान देते रहेंगे, जनता कांग्रेस को सत्ता में लौटाने की कल्पना भी नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, “देश आगे बढ़ रहा है, लोग नई सोच के साथ विकास चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस पुराने ढर्रे पर चल रही है। राहुल गांधी की हर टिप्पणी से कांग्रेस की साख और गिरती जा रही है।”

रिजिजू ने आगे कहा कि देश की जनता अब भावनात्मक राजनीति नहीं, बल्कि ठोस विकास चाहती है। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। और इसी कारण विपक्षी दलों की हताशा खुलकर सामने आ रही है,” उन्होंने कहा।


“राष्ट्रीय ई-विधान सम्मेलन” में दिया बयान

रिजिजू यह बयान नई दिल्ली में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल विधायी प्रक्रिया को और सशक्त बना रही है, ताकि संसद और विधानसभाओं का कार्य और पारदर्शी हो सके।
रिजिजू ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल भारत मिशन के अंतर्गत संसद की प्रक्रियाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है।


कांग्रेस पर बढ़ती अंदरूनी असहमति

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रिजिजू का यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि कांग्रेस के अंदर चल रहे असंतोष को भी दर्शाता है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर लंबे समय से प्रश्न उठते रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी कई बार यह स्वीकार कर चुके हैं कि लगातार चुनावी हार के पीछे नेतृत्व की रणनीतिक असफलता एक बड़ा कारण है।

रिजिजू का यह कहना कि “राहुल गांधी के हर बयान से कांग्रेस को नुकसान होता है”, विपक्ष की अंदरूनी कमजोरी को और उजागर करता है।


राजनीतिक माहौल में बढ़ती बयानबाजी की गर्मी

बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर तेज़ हो गया है।
जहाँ राहुल गांधी मोदी सरकार पर “जनता को भ्रमित करने” का आरोप लगा रहे हैं, वहीं भाजपा नेता उनके हर बयान को कांग्रेस की “राजनीतिक आत्मघाती रणनीति” करार दे रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयानबाज़ी से जनता में ध्रुवीकरण बढ़ सकता है, जिसका फायदा भाजपा को मिलने की संभावना अधिक है।


अंत में – कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का समय

किरेन रिजिजू के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा राहुल गांधी की प्रत्येक टिप्पणी को राजनीतिक अवसर के रूप में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी इस आलोचना का किस प्रकार उत्तर देती है — क्या वह आत्ममंथन करेगी या फिर पुराने रुझान को ही जारी रखेगी।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।