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दिल्ली: शास्त्री पार्क में पिता ने 11 साल के बेटे की ले ली जान, मां से कहा- “लाश पड़ी है, आकर उठा लो”

दिल्ली: शास्त्री पार्क में पिता ने 11 साल के बेटे की ले ली जान, मां से कहा- “लाश पड़ी है, आकर उठा लो”
Nagpur missing boy Atharv murder arrested: नागपुर में 3 दिन से लापता 14 वर्षीय अथर्व की हत्या की पुष्टि, तीन पड़ोसी गिरफ्तार - तीनों सब्जी व्यापार से जुड़े। (File photo)

दिल्ली के शास्त्री पार्क में घरेलू विवाद के चलते पिता ने अपने 11 साल के बेटे अल्तमश की हत्या कर दी। आरोपी ने जुर्म कबूलते हुए परिवार को जानकारी दी और फरार हो गया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।

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Dipali Kumari
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Delhi Murder case: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके शास्त्री पार्क से सामने आई यह घटना सिर्फ एक हत्या की खबर नहीं है, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक डरावना सवाल है—क्या गुस्सा और घरेलू कलह इंसान को इस हद तक अंधा कर सकती है कि वह अपने ही बच्चे की जान ले ले? 11 साल के मासूम अल्तमश की हत्या की खबर ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।

जिस उम्र में बच्चे किताबों, दोस्तों और सपनों की दुनिया में रहते हैं, उसी उम्र में अल्तमश को अपने पिता के गुस्से की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

स्कूल गया, लेकिन घर नहीं लौटा

परिवार के मुताबिक अल्तमश रोज की तरह अपने भाई के साथ स्कूल गया था। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उसका आखिरी दिन होगा। शाम ढलने लगी, लेकिन जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार को चिंता हुई। तलाश शुरू हुई, रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन देर रात जो खबर सामने आई, उसने सभी को तोड़ कर रख दिया।

पुलिस को देर रात बच्चे का शव मिलने की सूचना मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो बच्चे के सिर और आंख पर गंभीर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। यह साफ था कि बच्चे के साथ बेरहमी की गई है। शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और जांच शुरू कर दी गई।

पिता पर हत्या का आरोप

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सच्चाई और भी भयावह होती गई। पुलिस के मुताबिक हत्या का आरोप बच्चे के पिता वाजिद खान पर लगा है। आरोप है कि वाजिद ने गुस्से में आकर अपने ही बेटे की हत्या कर दी।

इतना ही नहीं, हत्या के बाद आरोपी ने इस जघन्य वारदात का वीडियो बनाया और उसे अपने परिवार के सदस्यों को भेज दिया।

पत्नी को फोन कर कबूला जुर्म

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पत्नी को फोन कर कहा कि उसने बच्चे को मार दिया है और लाश वहीं पड़ी है। पहले तो पत्नी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ। उसने इसे गुस्से में कही गई बात समझा, लेकिन आरोपी ने कसम खाकर कहा कि वह सच बोल रहा है।

यह ऑडियो कॉल अब पुलिस के पास सबूत के तौर पर मौजूद है और जांच का अहम हिस्सा बन चुका है।

घरेलू विवाद बना मौत की वजह

पुलिस के अनुसार, आरोपी वाजिद खान और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी झगड़े के दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने अपने बेटे को निशाना बना लिया। यह सवाल उठना लाजिमी है कि पति-पत्नी के झगड़े में बच्चे की क्या गलती थी?

हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां बेसुध है, रिश्तेदार सदमे में हैं और पड़ोसी भी इस घटना से सहमे हुए हैं। परिवार का कहना है कि अल्तमश बेहद मासूम और शांत स्वभाव का बच्चा था, उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।