मतदान में दिखा जनता का उत्साह
झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले में पौर निर्वाचन के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्साहित नजर आए। इस चुनाव में सबसे खास बात यह रही कि सिर्फ युवा मतदाता ही नहीं, बल्कि दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता भी अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचे।
रामगढ़ जिले में इस बार पौर चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। मतदाताओं में अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की जबरदस्त भावना दिखी। शुरुआती घंटों में ही मतदान केंद्रों पर अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने मतदान की व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी की थी।

दिव्यांग मतदाताओं ने दिया लोकतंत्र का संदेश
इस चुनाव में सबसे प्रेरणादायक दृश्य तब देखने को मिला जब दिव्यांग मतदाता अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पहुंचे। शंकर विश्वकर्मा जो एक दिव्यांग मतदाता हैं, वे भी अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और यह हमारा अधिकार भी है और कर्तव्य भी।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने उनकी सुविधा का पूरा ध्यान रखा। व्हीलचेयर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान कराने में चुनाव अधिकारियों ने पूरी मदद की। इससे यह साबित होता है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की भागीदारी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

युवा मतदाताओं में दिखा जोश
युवा मतदाताओं ने भी इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अंजलि कुमारी जो एक युवा मतदाता हैं, उन्होंने अपना वोट डालते हुए कहा कि युवाओं को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और समाज के विकास में हमारी भागीदारी बहुत जरूरी है। वोट डालकर ही हम अपनी पसंद की सरकार चुन सकते हैं।
युवा मतदाताओं में पहली बार वोट डालने वालों की संख्या भी अच्छी खासी थी। नए मतदाताओं ने अपने इस अधिकार का उपयोग करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। युवाओं का यह उत्साह लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।

बुजुर्ग मतदाताओं ने निभाया अपना फर्ज
बुजुर्ग मतदाताओं ने भी इस चुनाव में अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। बुलू देवी जो एक प्रौढ़ महिला मतदाता हैं, वे भी अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि वोट डालना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। चाहे कितनी भी उम्र हो, हमें अपने इस अधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
बुजुर्ग मतदाताओं के लिए भी मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्हें लाइन में लंबे समय तक खड़ा न रहना पड़े, इसके लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए थे। कई बुजुर्ग मतदाता परिवार के सदस्यों के साथ वोट डालने आए थे।

मतदान व्यवस्था रही दुरुस्त
मतदान केंद्रों पर प्रशासन की व्यवस्था काफी सुदृढ़ रही। सुबह से ही सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी और सुरक्षाकर्मी तैनात थे। मतदाताओं की सुविधा के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी। मतदान केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षाबल तैनात किए गए थे।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया। मतदाताओं की पहचान की सख्ती से जांच की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें ठीक से काम कर रही थीं। कहीं से भी किसी तरह की गड़बड़ी की खबर नहीं आई। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
लोकतंत्र के प्रति जागरूकता
इस चुनाव में मतदाताओं में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता साफ देखी गई। लोगों ने समझा है कि उनका एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। चुनाव से पहले जागरूकता अभियान चलाए गए थे, जिसका सकारात्मक असर दिखा। मतदाता अपने अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर सजग नजर आए।
रामगढ़ जिले में इस बार के पौर चुनाव में मतदान का प्रतिशत अच्छा रहने की उम्मीद जताई जा रही है। विभिन्न वर्गों के लोगों की सक्रिय भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आस्था मजबूत है। दिव्यांग, बुजुर्ग और युवा सभी मतदाताओं ने मिलकर एक मिसाल कायम की है।