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सन् 2027 तक बडनेरा में भारतीय जनसंचार संस्थान की नई इमारत में प्रारंभ होगा शैक्षणिक सत्र, सचिव संजय जाजू के निर्देश

सन् 2027 तक बडनेरा में भारतीय जनसंचार संस्थान की नई इमारत में प्रारंभ होगा शैक्षणिक सत्र, सचिव संजय जाजू के निर्देश
IIMC Amravati Campus 2027 – केंद्रीय सचिव संजय जाजू ने बडनेरा में नई इमारत में शैक्षणिक सत्र शुरू करने के दिए निर्देश (File Photo)
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Asfi Shadab
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सन् 2027 में बडनेरा की नई इमारत से प्रारंभ होगा आईआईएमसी का शिक्षण कार्य

अमरावती / नागपुर, 22 अक्टूबर 2025
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) अमरावती की बहुप्रतीक्षित नई इमारत अब बडनेरा में आकार ले रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने आज निर्देश दिए कि वर्ष 2027 के शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ इसी नई इमारत में किया जाए।

अमरावती महानगरपालिका आयुक्त निवास स्थान पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में आईआईएमसी, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


उच्चस्तरीय बैठक में विस्तृत समीक्षा

बैठक में केंद्रीय सचिव संजय जाजू ने परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की।
इस अवसर पर महापालिका आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक, सीपीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता डी. रायचौधरी, आईआईएमसी की विशेष परियोजना निदेशक रश्मी रोजा, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार सोनोने, संजय बसेडिया, अभिजीत कावरे और विष्णु राठौड़ उपस्थित थे।

सचिव जाजू ने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि भारत के भावी मीडिया पेशेवरों के लिए एक उत्कृष्ट शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित की जानी चाहिए।


गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

सचिव ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य चरणबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
उन्होंने कहा, “पहले चरण के पूर्ण होने के बाद ही दूसरा चरण शुरू किया जाए। हर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित हो, विशेषकर फर्नीचर, दरवाजे और खिड़कियों की।”

उन्होंने यह भी कहा कि मौसम की परिस्थितियों का उचित ध्यान रखते हुए कार्य की गति बनाए रखी जाए ताकि समय पर लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।


15 एकड़ भूमि पर होगा आधुनिक शिक्षण परिसर का निर्माण

संजय जाजू ने बडनेरा में आईआईएमसी को आवंटित 15 एकड़ भूमि का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
उन्होंने शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक परिसर, छात्रावास, खेल संकुल और आवासीय इकाइयों की योजना का अवलोकन किया।

परियोजना निदेशक रश्मी रोजा ने सचिव को बताया कि डिजाइन में आधुनिक शिक्षण तकनीक, हरित ऊर्जा उपयोग, वर्षा जल संचयन और डिजिटल कक्षाओं को प्राथमिकता दी गई है।


नागपुर में आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्रों का दौरा

अमरावती की बैठक से पूर्व सचिव जाजू ने नागपुर आकाशवाणी केंद्र का दौरा किया।
उन्होंने आकाशवाणी, दूरदर्शन और क्षेत्रीय सूचना कार्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने विज्ञापन संग्रहण कार्यों में गति लाने तथा स्थानीय विषयों पर जनसंचार को सशक्त करने के निर्देश दिए।

सचिव ने कहा कि सरकारी जनसंचार माध्यमों की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को और बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे आमजन तक योजनाओं की जानकारी सटीक और समय पर पहुँचे।


स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता

अमरावती महापालिका आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक ने आश्वासन दिया कि नगर प्रशासन परियोजना से संबंधित सभी आधारभूत सुविधाओं – जैसे सड़क, जलापूर्ति और विद्युत कनेक्शन – को समय पर उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि बडनेरा परिसर के आसपास विकास कार्य भी तेज़ी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं ताकि परिसर तक सुगम पहुंच सुनिश्चित की जा सके।


भविष्य की दिशा

आईआईएमसी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि नई इमारत के पूर्ण होने से न केवल अमरावती क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि विदर्भ और मध्य भारत के पत्रकारिता छात्रों के लिए यह केंद्र एक मीडिया शिक्षा का प्रमुख हब बनेगा।

उन्होंने कहा, “यह परिसर न केवल शिक्षा का केंद्र होगा, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, भाषा और संचार के समन्वय का प्रतीक बनेगा।”

बडनेरा में प्रस्तावित यह आईआईएमसी इमारत केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के मीडिया कर्मियों के लिए एक मजबूत नींव है।
केंद्रीय सचिव संजय जाजू के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि सरकार गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध शिक्षा अवसंरचना के निर्माण के प्रति गंभीर है।
यदि सब कुछ नियोजित ढंग से चलता रहा, तो 2027 में बडनेरा की यह नई इमारत आधुनिक भारत के जनसंचार प्रशिक्षण की नई पहचान बनेगी।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।