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अवैध रेत परिवहन पर हिंगोली पुलिस की सख्त कार्रवाई, 35 लाख का माल जब्त

अवैध रेत परिवहन पर हिंगोली पुलिस की सख्त कार्रवाई, 35 लाख का माल जब्त
Hingoli Police Crackdown: हिंगोली में अवैध रेत परिवहन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 टिपर जब्त (File Photo)

Hingoli Police Crackdown: हिंगोली पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 हाइवा टिपर पकड़े। पुलिस अधीक्षक डॉ. नीलाभ रोहन के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश मीना की टीम ने यह कार्रवाई की। 35 लाख 30 हजार रुपये का माल जब्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र राजस्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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Asfi Shadab
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हिंगोली जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हाइवा टिपरों को रेत सहित जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. नीलाभ रोहन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 35 लाख 30 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश मीना की अगुवाई में की गई इस कार्रवाई ने रेत माफियाओं को एक बड़ा झटका दिया है।

अवैध धंधों के खिलाफ चल रहा विशेष अभियान

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में पुलिस विभाग द्वारा अवैध धंधों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. नीलाभ रोहन के निर्देशन में यह अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश मीना और उनकी टीम रोजाना गश्त कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध रेत खनन और परिवहन पर रोक लगाना है। पुलिस विभाग की सक्रियता से रेत माफिया अब सतर्क हो गए हैं।

तवा गांव के पास पकड़ा गया पहला टिपर

29 जनवरी की देर रात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश मीना अपनी टीम के साथ जिले की सीमा पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि नांदेड़ जिले से एक हाइवा टिपर अवैध रूप से रेत लेकर हिंगोली जिले में आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सतर्क हो गई और थाना आखाड़ा बालापुर के तवा गांव के पास उस टिपर को रोक लिया।

पुलिस ने जब टिपर चालक से परिवहन की रसीद मांगी तो उसने एक रसीद दिखाई। रसीद में यह दर्शाया गया था कि वह रेत को अमरावती जिले में ले जा रहा है। लेकिन पुलिस टीम को रूट और समय को लेकर संदेह हुआ। जब टीम ने विस्तार से पूछताछ की तो चालक ने सच बात स्वीकार की।

चालक ने खुद किया अपराध कबूल

पूछताछ के दौरान टिपर चालक ने पुलिस को बताया कि वह निर्धारित रूट को छोड़ चुका है। उसने यह भी कबूल किया कि वह रेत को ऊंची कीमत पर बेचने के इरादे से दूसरे रास्ते से जा रहा था। यह सुनकर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। चालक का नाम परमेश्वर केंद्रे बताया जा रहा है जो उमरगां तालुका कंधार, जिला नांदेड़ का निवासी है।

पुलिस ने परमेश्वर केंद्रे के खिलाफ थाना आखाड़ा बालापुर में मामला दर्ज किया। साथ ही टिपर और उसमें भरी रेत को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने हाइवा टिपर और रेत समेत कुल 20 लाख 20 हजार रुपये का माल जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र राजस्व अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

औंधा नागनाथ में दूसरा टिपर पकड़ा

इसी दौरान पुलिस थाना औंधा नागनाथ क्षेत्र में एक और टिपर को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई भी उसी विशेष अभियान के तहत की गई। इस मामले में गोलेगांव निवासी नशाद पटेल नाम का चालक और टिपर के मालिक विला त्रिकराम राठौड़ शामिल हैं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ औंधा नागनाथ पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 15 लाख 10 हजार रुपये कीमत का टिपर और रेत जब्त किया है। इस तरह दोनों कार्रवाइयों में कुल 35 लाख 30 हजार रुपये का माल जब्त किया गया।

अवैध रेत खनन एक गंभीर समस्या

महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में अवैध रेत खनन एक बड़ी समस्या बन चुकी है। नदी तटों और अन्य क्षेत्रों से अवैध तरीके से रेत निकाली जाती है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है बल्कि सरकार को राजस्व की हानि भी होती है। रेत माफिया संगठित रूप से काम करते हैं और बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन करते हैं।

अवैध रेत खनन से नदियों की गहराई कम होती है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ता है। साथ ही जलीय जीवों को भी नुकसान पहुंचता है। पुल और अन्य संरचनाओं की नींव कमजोर हो सकती है। यही कारण है कि सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है।

पुलिस की सतर्कता से मिली सफलता

हिंगोली पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। देर रात गश्त करना और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करना पुलिस की सतर्कता को दर्शाता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश मीना और उनकी टीम की मेहनत रंग लाई। पुलिस ने केवल वाहन रोकने तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि गहन पूछताछ की जिससे सच्चाई सामने आई।

यह कार्रवाई अन्य अवैध रेत परिवहनकर्ताओं के लिए एक चेतावनी है। पुलिस विभाग की सक्रियता से अब रेत माफिया को यह संदेश मिल गया है कि वे आसानी से बच नहीं सकते। यह कार्रवाई निश्चित रूप से भविष्य में अवैध रेत परिवहन को रोकने में मदद करेगी।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक डॉ. नीलाभ रोहन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध धंधों पर कड़ी नजर रखी जाए। विशेष टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस विभाग ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को अवैध रेत परिवहन की जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। जनता के सहयोग से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

कानूनी कार्रवाई भी होगी सख्त

आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र राजस्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अन्य लागू कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जब्त किए गए टिपर और रेत को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपियों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। जो लोग कानून तोड़कर अवैध धंधे करते हैं उन्हें सजा मिलेगी। हिंगोली पुलिस की यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।