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सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना

सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना
Maharashtra 37 Pilgrims Saga Kathmandu: सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना (Photo: RB / Jassi)

Maharashtra 37 Pilgrims Saga Kathmandu: कैलास मानसरोवर यात्रा से लौटते समय तिब्बत के सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर मदद के प्रयास किए। श्रद्धालु न्यालम चेक पोस्ट के रास्ते काठमांडू जा रहे हैं। उनकी वापसी की उड़ान 29 अगस्त दोपहर 2 बजे निर्धारित है।

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Asfi Shadab
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सागा से सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना हुए 37 श्रद्धालु

Maharashtra 37 Pilgrims Saga Kathmandu: कैलास मानसरोवर यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा में फंस गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के तत्काल हस्तक्षेप के बाद सभी श्रद्धालु आज सुबह 6 बजे सागा से न्यालम चेक पोस्ट होते हुए काठमांडू के लिए रवाना हो गए।

ये श्रद्धालु ठाणे, पुणे, अलीबाग, रायगढ़ और डोंबिवली क्षेत्र के रहने वाले हैं। यात्रा पूरी करने के बाद वापसी के दौरान वे सागा में अटक गए थे। उनकी काठमांडू से वापसी की उड़ान 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित है, इसलिए समय पर काठमांडू पहुंचना जरूरी था।

जैसे ही श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी मिली, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के समन्वय से श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी सहायता मुहैया कराई गई, जिससे सागा से काठमांडू तक का रास्ता साफ हुआ।

Maharashtra 37 Pilgrims Saga Kathmandu: सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना
Maharashtra 37 Pilgrims Saga Kathmandu: सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना (Photo: RB / Jassi)

सरकारी मदद के बाद श्रद्धालुओं को मिली राहत

समय पर मदद मिलने से श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।

श्रद्धालुओं के अनुसार, यात्रा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों के चलते उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन सरकार की त्वरित कार्रवाई से उनकी चिंता दूर हुई। अब सभी 37 श्रद्धालुओं के 29 अगस्त की निर्धारित उड़ान से अपने-अपने घर लौटने की उम्मीद है।

राहत मिलने के बाद यह देखना बाकी है कि सभी श्रद्धालु तय समय पर काठमांडू पहुंचकर अपनी उड़ान पकड़ पाते हैं या नहीं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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