Mumbai News: पत्रकारिता में एआई से बदलाव, महिला पत्रकारों को तकनीक-सक्षम बनने की सलाह

AI impact on journalism and women journalists in Mumbai: मुंबई में सूचना विभाग के प्रधान सचिव बृजेश सिंह ने राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यशाला में कहा कि पत्रकारिता में एआई बड़े बदलाव ला रही है। महिला पत्रकारों को तकनीक-सक्षम बनकर इसे अवसर मानना चाहिए। एआई से सूचना संग्रह आसान होता है लेकिन तथ्यों की जांच जरूरी है। इंडिक टूल्स से क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार पहुंचाना सरल होगा।
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एआई के दौर में बदलती पत्रकारिता की दिशा
AI impact on journalism and women journalists in Mumbai: मुंबई, 20 अप्रैल। पत्रकारिता के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तेजी से बदलाव ला रही है। इन बदलावों को अवसर मानते हुए महिला पत्रकारों को अधिक तकनीक-सक्षम बनना होगा — यह बात सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव एवं महानिदेशक बृजेश सिंह ने कही।
वे मुंबई में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला राष्ट्रीय महिला आयोग और सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी। कार्यशाला का विषय था — “एआई और पत्रकारिता पर उसका प्रभाव”।
महिला पत्रकारों के लिए तकनीक से जुड़ने का बढ़ता महत्व
इस अवसर पर विजया रहाटकर, नंदिनी आवडे, डॉ. रिचा सूद और डॉ. स्वाती गुप्ता भी उपस्थित रहीं।
बृजेश सिंह ने कहा कि “एआई मानव संदर्भों पर आधारित होता है, इसलिए इसमें त्रुटि की संभावना रहती है।” उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि एआई का उपयोग करते समय तथ्यों की शुद्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि एआई से सूचना संग्रह, अनुवाद और प्रस्तुति सरल हो जाती है — जिससे पत्रकारों को विश्लेषण और शोध के लिए अधिक समय मिलता है। ‘इंडिक’ एआई टूल्स के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार पहुंचाना आसान होगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण पत्रकारों को लाभ मिलेगा।
बृजेश सिंह ने जोर देकर कहा कि तकनीकी कौशल विकसित कर महिलाएं पत्रकारिता में नई पहचान बना सकती हैं, और एआई के उपयोग में नैतिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यशाला के माध्यम से महिला पत्रकारों को एआई-युग की पत्रकारिता के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करने का प्रयास किया गया।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

