नागपुर, 2 सितंबर 2025 — Nagpur Cultural News: “अथर्वशीर्ष और पसायदान जैसे संस्कारदायी स्तोत्रों का नियमित पाठ मनुष्य के जीवन को दिशा देता है। इससे उच्चारण स्पष्ट होता है, स्मरणशक्ति बढ़ती है और बुद्धि प्रखर होती है।” यह विचार संस्कार भारती की अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता कांचनताई गडकरी ने मंगलवार सुबह रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में व्यक्त किए।
यह आयोजन बाल कला अकादमी और स्त्री शिक्षा प्रसारक मंडल, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य अतिथि | Nagpur Cultural News
कार्यक्रम की अध्यक्षता कांचनताई गडकरी ने की, जबकि प्रमुख वक्ता के रूप में विश्वमांगल्य सभा की डॉ. राधिका कमाविसदार उपस्थित रहीं। मंच पर स्त्री शिक्षा प्रसारक मंडल के अध्यक्ष रवींद्र फडणवीस, बाल कला अकादमी की अध्यक्ष मधुरा गडकरी और सीमा फडणवीस भी विराजमान थीं।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और वातावरण में स्तोत्रपाठ की आध्यात्मिक गूंज फैल गई।
कांचनताई गडकरी का संदेश | Nagpur Cultural News
Nagpur Cultural News: अपने संबोधन में कांचनताई गडकरी ने कहा कि जैसे हम मातृऋण और पितृऋण चुकाने का प्रयास करते हैं, वैसे ही बाल कला अकादमी अपने उपक्रमों से “समाजऋण चुकाने” का कार्य कर रही है। उन्होंने इस अवसर पर “भारत हमारी माँ है” गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावनात्मक बना दिया।
डॉ. कमाविसदार का प्रेरक वक्तव्य
Nagpur Cultural News: डॉ. राधिका कमाविसदार ने बच्चों को उदाहरण देकर अथर्वशीर्ष का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि गणपति समूह जीवन के सर्वगुणसंपन्न नेता हैं और उनके आशीर्वाद के लिए अथर्वशीर्ष का पाठ आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से कहा कि “श्रीगणेश आपके सबसे अच्छे ‘फ्रेंड’ हैं।”
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आयोजन का उद्देश्य – Nagpur Cultural News
बाल कला अकादमी की अध्यक्ष मधुरा गडकरी ने प्रास्ताविक भाषण में संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ज्ञानेश्वर माऊली की समाधि के 750 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और इसी उपलक्ष्य में यह आयोजन रखा गया।
उनका कहना था कि अकादमी का उद्देश्य केवल कला संवर्धन नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक तैयार करना है।
विद्यार्थियों का सामूहिक पाठ और सत्कार
Nagpur Cultural News: वेदशास्त्री पंकज कोल्हे गुरुजी और जयंत देव गुरुजी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अथर्वशीर्ष का सामूहिक पाठ किया। वातावरण मंत्रोच्चार से गूंज उठा और पूरे परिसर में अध्यात्मिकता का अनुभव हुआ।
मान्यवरों के हाथों विद्यार्थियों और विद्यालय प्रमुखों का सत्कार किया गया।
कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन राजेश सुलभेवार ने किया, जबकि समापन मधुरा गडकरी द्वारा प्रस्तुत पसायदान से हुआ।
विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी
Nagpur Cultural News: इस आयोजन में नागपुर के कई प्रमुख विद्यालयों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। इनमें श्री उमिया शंकर हाईस्कूल, सर्वश्री माध्यमिक विद्यालय, आर्या कॉन्वेंट एंड हाईस्कूल, जे.के. कॉन्वेंट एंड हाईस्कूल, राजेंद्र हाईस्कूल महाल, सेवासदन सीताबर्डी, वनिता विकास विद्यालय, प्रबोधन कॉन्वेंट, हिंदू मुलींची शाला महाल और हडस सीबीएसई स्कूल शामिल रहे।
इस अवसर पर विद्यालय प्रमुखों को भी प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
निष्कर्ष: संस्कार और नागरिकता का संगम
इस Nagpur Cultural News आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि अथर्वशीर्ष और पसायदान जैसे स्तोत्र केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कारक्षम और गुणसंपन्न पीढ़ी के निर्माण का माध्यम हैं।
विद्यार्थियों का उत्साह और समाजसेवियों का मार्गदर्शन मिलकर नागपुर में एक नई सांस्कृतिक चेतना को जन्म दे रहा है।



