Nagpur Paddy Fire: नागपुर जिले के मौदा तहसील क्षेत्र में लगी भीषण आग ने किसानों और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 3 हजार टन से अधिक धान के पेढ़े जलकर पूरी तरह राख हो गए, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते धान के विशाल भंडार को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दमकल विभाग ने पाया आग पर काबू
स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद इलाके में धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। धान का बड़ा हिस्सा खुले या भंडारित रूप में मौजूद था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। फिलहाल राहत की बात यह रही कि किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन आर्थिक नुकसान बेहद गंभीर बताया जा रहा है।

व्यापारियों के लिए बड़ा संकट
मौदा और आसपास का इलाका धान उत्पादन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस आगजनी ने न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, बल्कि व्यापारियों के लिए भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पहले से लागत, मौसम और बाजार के दबाव से जूझ रहे किसानों के लिए यह हादसा किसी बड़े झटके से कम नहीं माना जा रहा।

जांच में जुटी पुलिस
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल शॉर्ट सर्किट, गर्मी या अन्य संभावित कारणों को लेकर जांच की जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।