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Vidarbha NABARD fund distribution: नाबार्ड के 500 करोड़ में विदर्भ को सिर्फ 116 करोड़, सातारा अकेले 150 करोड़ ले गया

Vidarbha NABARD fund distribution injustice Maharashtra 2026: नाबार्ड के 500 करोड़ में विदर्भ को सिर्फ 116 करोड़, सातारा अकेले 150 करोड़ ले गया
(Image: AI / Representation)

Vidarbha NABARD fund distribution injustice Maharashtra 2026: नाबार्ड फंड वितरण को लेकर विदर्भ में नाराज़गी तेज हो गई है। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने पश्चिम महाराष्ट्र को भारी आवंटन और विदर्भ को कम हिस्सेदारी को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। समिति ने चेतावनी दी है कि असमानता दूर नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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नागपुर: विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने नाबार्ड द्वारा ग्रामीण सड़क और पुल निर्माण हेतु मंजूर 500 करोड़ रुपये के वितरण पर तीखी नाराजगी जताई है। समिति का आरोप है कि इस निधि वितरण में क्षेत्रीय असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

समिति के अनुसार पश्चिम महाराष्ट्र के केवल पाँच जिलों को 237 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें अकेले सातारा को 150 करोड़, और पुणे, कोल्हापुर, सांगली तथा अहिल्यानगर को भी बड़ी राशि मिली। दूसरी ओर, विदर्भ के 11 जिलों को मात्र 116 करोड़ रुपये से काम चलाना पड़ा। मराठवाड़ा के 8 जिलों को भी अपेक्षाकृत बेहद कम राशि मिली।

समिति ने गणना करते हुए बताया कि यदि 27 जिलों में समान वितरण होता तो प्रत्येक जिले को 18.51 करोड़ रुपये मिलते। लेकिन अमरावती को छोड़कर विदर्भ के किसी भी जिले को औसत राशि भी नहीं मिली।

समिति ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विदर्भ से होने के बावजूद अपने क्षेत्र को न्याय नहीं दिला सके और फैसलों पर पश्चिम महाराष्ट्र का दबदबा बरकरार है।

समिति के अध्यक्ष वामनराव चटप सहित अन्य पदाधिकारियों ने इसे विदर्भ, मराठवाड़ा और कोकण के साथ 70 वर्षों से जारी अन्याय बताते हुए मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि वितरण में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


रिपोर्ट: Jassi, नागपुर


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Gangesh Kumar

Rashtra Bharat में Writer, Author और Editor। राजनीति, नीति और सामाजिक विषयों पर केंद्रित लेखन। BHU से स्नातक और शोधपूर्ण रिपोर्टिंग व विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं।