अवैध रेत खनन रोकने के लिए राज्य में उड़नदस्ते तैनात, रेत नीति 2025 में बड़े बदलाव

Maharashtra sand policy 2025 illegal mining action flying squad: महाराष्ट्र सरकार ने रेत नीति 2025 में बदलाव करते हुए अवैध रेत खनन और परिवहन रोकने के लिए विशेष उड़नदस्ते तैनात करने का फैसला लिया है। कोंकण क्षेत्र के अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। समुद्री क्षेत्रों में नाव पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और रेत घाटों के लिए ई-नीलामी प्रणाली लागू की जाएगी।
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अवैध रेत खनन रोकने के लिए सरकार की नई सख्ती
Maharashtra sand policy 2025 illegal mining action flying squad: मुंबई, 28 अप्रैल। राज्य में अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। 8 अप्रैल 2025 को लागू रेत नीति में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए सरकार ने तालुका और उपविभाग स्तर पर विशेष उड़नदस्ते गठित करने के आदेश दिए हैं।
उड़नदस्तों में बहुविभागीय टीम
सरकारी आदेश के अनुसार इन उड़नदस्तों में राजस्व विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे। ये दस्ते अवैध रेत परिवहन पर कड़ी निगरानी रखेंगे।
कोंकण क्षेत्र में अधिकारियों को मिले अतिरिक्त अधिकार
कोंकण के लिए विशेष प्रावधान
कोंकण क्षेत्र में तहसीलदार और उपविभागीय अधिकारियों को पड़ोसी तालुका या जिले में भी कार्रवाई का अधिकार दिया गया है — जो इस नीति की सबसे अहम विशेषता है। सागरी तट और खाड़ी क्षेत्रों में रेत खनन नियंत्रण के लिए महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के अधिकार भी बढ़ाए गए हैं। अब सभी नावों का पंजीकरण अनिवार्य होगा और अवैध नावें जब्त कर तहसीलदार को सौंपी जाएंगी।
ई-नीलामी और धनवापसी का प्रावधान
नई व्यवस्था के तहत रेत घाटों की ई-नीलामी प्रणाली लागू होगी। इसकी अवधि एक वर्ष या रेत भंडार समाप्त होने तक रहेगी। यदि किसी कारण उत्खनन संभव नहीं हो सका, तो ठेकेदार को बिना ब्याज धनवापसी दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से रेत माफियाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और उत्खनन-बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। संशोधित नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

