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Nagpur Bribery Case: नागपुर में महसूल सहायक 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया

Nagpur Bribery Case: नागपुर में महसूल सहायक 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया
Nagpur ACB trap revenue assistant bribe arrest: नागपुर में महसूल सहायक 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया (File Photo)

Nagpur ACB trap revenue assistant bribe arrest: नागपुर में एसीबी ने जिलाधिकारी कार्यालय के महसूल सहायक को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक निर्माण से जुड़े अपील मामले को निपटाने के लिए रकम मांगी थी। जांच में मांग की पुष्टि होने के बाद सापळा कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Asfi Shadab
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नागपुर में रिश्वत लेते महसूल सहायक पकड़ा गया

 Nagpur ACB trap revenue assistant bribe arrest: नागपुर। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) ने 24 अप्रैल की रात जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत महसूल सहायक नरेश साधूरावजी बर्वे (54) को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी उनके निवास स्थान के पास रात करीब 11:30 बजे एसीबी की सापळा (ट्रैप) कार्रवाई के दौरान हुई।

क्या है पूरा मामला?

एक 46 वर्षीय शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय (स्लम) में अपने प्लॉट से जुड़े निर्माण संबंधी मामले में अपील दाखिल की थी। आरोप है कि इस प्रकरण को अनुकूल रूप से निपटाने के लिए आरोपी बर्वे ने 5 लाख रुपये की मांग की थी।

एसीबी ने 17 और 20 अप्रैल 2026 को जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने और उसे स्वीकार किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

गिरफ्तारी में क्या मिला?

आरोपी के पास से 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे। इसके अलावा एक आईफोन भी जब्त किया गया है।

अब आगे क्या?

नंदनवन पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक विवेक पडघान कर रहे हैं। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उप अधीक्षक भारती गुरनुले ने किया।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।