नागपुर के रिहायशी इलाके में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश | Nagpur Sex Racket
नागपुर। महाराष्ट्र के प्रमुख शहर नागपुर में पुलिस ने एक बार फिर संगठित अपराध के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई का परिचय दिया है। शहर के एक अत्यंत पॉश और भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई हाल ही में शुरू किए गए “ऑपरेशन शक्ति” के तहत की गई, जिसके दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को मुक्त कराया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह छापा नागपुर के प्रमिला प्रकाश होटल में मारा गया, जो शहर के सबसे प्रतिष्ठित रिहायशी इलाकों में से एक है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इस होटल में अवैध देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना पुख्ता होने के बाद पुलिस ने गुप्त योजना तैयार की और महिला चार्ली (डमी ग्राहक) के माध्यम से जाल बिछाया।
ऑपरेशन शक्ति : महिला सशक्तिकरण और अपराध नियंत्रण की दिशा में कदम
नागपुर पुलिस द्वारा हाल ही में चलाया गया “ऑपरेशन शक्ति” महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर एक सशक्त पहल है। इस अभियान के तहत महिला पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे गुप्त सूचनाओं और आपराधिक गतिविधियों की पहचान कर सकें। इसी पहल के परिणामस्वरूप प्रमिला प्रकाश होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ संभव हुआ।
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के तहत पुलिस ने पहले होटल के बाहर निगरानी रखी। इसके बाद एक महिला चार्ली को ग्राहक बनाकर होटल भेजा गया, जिसने मौके पर अंदर की स्थिति की पुष्टि की। जब होटल के अंदर अवैध गतिविधियों की पुष्टि हो गई, तब पुलिस ने टीम बनाकर अचानक छापा मारा।
छापेमारी के दौरान तीन लड़कियों को मुक्त कराया गया
छापेमारी के दौरान पुलिस को होटल के एक कमरे में तीन लड़कियां मिलीं, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू किया गया। ये तीनों अलग-अलग राज्यों से बुलाई गई थीं और उन्हें पैसे का लालच देकर इस कार्य में धकेला गया था।
पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू की गई लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है और उन्हें पुनर्वास केंद्र भेजने की तैयारी चल रही है।
इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है — जिनकी पहचान होटल के संचालक और एक एजेंट के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और बाहर से आने वाले ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ता था।
डमी कैंडिडेट बनाकर पुलिस ने रचा ऑपरेशन
इस छापे को सफल बनाने में पुलिस की रणनीति बेहद महत्वपूर्ण रही। महिला चार्ली के रूप में भेजी गई पुलिसकर्मी ने ‘ग्राहक’ बनकर आरोपियों से संपर्क साधा और अंदर की सारी गतिविधियों की जानकारी दी। जैसे ही पुष्टि हुई, बाहर खड़ी टीम ने अंदर प्रवेश कर पूरे रैकेट को पकड़ लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह की जड़ें शहर से बाहर तक फैली हो सकती हैं। कई मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गए हैं जिनके माध्यम से यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों से भी लड़कियों की तस्करी करता था।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
नागपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल ऐसे रैकेट्स को समाप्त करना है बल्कि पीड़ित महिलाओं को न्याय और सुरक्षा प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा,
“ऑपरेशन शक्ति महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में हमारा वचन है। नागपुर पुलिस महिलाओं से जुड़े अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है।”
वहीं, पुलिस ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में ऐसे और होटलों व स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी जहां ऐसी संदिग्ध गतिविधियां होने की आशंका है।
निष्कर्ष : समाज के लिए चेतावनी और सुधार की दिशा
नागपुर की यह घटना एक बार फिर इस तथ्य को उजागर करती है कि आधुनिक शहरों में अपराध का चेहरा किस तरह बदल रहा है। रिहायशी इलाकों में भी अवैध देह व्यापार का जाल फैला हुआ है, जिसे खत्म करने के लिए पुलिस और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
ऑपरेशन शक्ति जैसी पहलें न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि अपराध चाहे कितना भी छिपा क्यों न हो, कानून की नज़रों से नहीं बच सकता।