Padma Shri Dr Vilas Dangre: नागपुर शहर के राणा प्रताप नगर में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य ध्वजवंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि नागपुर की शान और देश के गौरव पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर विलासजी डांगरे ने अपने हाथों से तिरंगा फहराया। राणा प्रताप नगर नागरिक समिति ने हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस को बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया।
राणा प्रताप नगर नागरिक समिति का यह आयोजन
राणा प्रताप नगर नागरिक समिति नागपुर शहर की एक सक्रिय सामाजिक संस्था है जो हर साल राष्ट्रीय पर्वों को बड़े धूमधाम से मनाती है। इस साल भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर समिति ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ नगरसेवक, गणमान्य नागरिक और समाज के जिम्मेदार लोग शामिल हुए। समिति के अध्यक्ष जानराव शेळके के नेतृत्व में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पद्मश्री डॉ. विलासजी डांगरे का सम्मान
इस साल के कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर विलासजी डांगरे को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. डांगरे नागपुर के एक जाने-माने चिकित्सक और समाज सेवक हैं। भारत सरकार ने उन्हें उनकी असाधारण सेवाओं के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। कार्यक्रम में उन्होंने अपने हाथों से राष्ट्रध्वज फहराया और लोगों को देशभक्ति और समाज सेवा का संदेश दिया।
समिति की ओर से अध्यक्ष जानराव शेळके ने डॉ. डांगरे को शाल और श्रीफल भेंट करके सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें पद्मश्री से विभूषित होने पर दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. डांगरे की उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
नव-निर्वाचित नगरसेवकों का स्वागत
कार्यक्रम में प्रभाग 37 के नव-निर्वाचित नगरसेवकों का भी भव्य स्वागत किया गया। प्राध्यापक दिलीप दिवे, संजू उगले, अमोल शामकुळे और अन्य नगरसेवकों को समिति की ओर से शाल और श्रीफल भेंट करके सम्मानित किया गया। नगरसेवक दिलीप दिवे ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि वे प्रभाग 37 में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान देंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने का आश्वासन दिया।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा का इतिहास
डॉ. विलासजी डांगरे ने अपने संबोधन में राणा प्रताप नगर चौक पर स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा के इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा की स्थापना के लिए समिति को बहुत संघर्ष करना पड़ा था। पूज्य बालासाहेब देवरस के स्वप्न को पूर्व नगरसेवक मीनाताई पथे ने साकार किया था। डॉ. डांगरे ने कहा कि भविष्य में इस स्थान पर घोड़े पर सवार महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। उन्होंने समिति और स्थानीय लोगों से इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।
महाराणा प्रताप की वीरता और देशभक्ति की कहानियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। उनकी प्रतिमा का होना राणा प्रताप नगर के लोगों के लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम का संचालन और प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन डॉ. संदीप पथे ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया और सभी अतिथियों का परिचय कराया। प्रस्तावना डॉ. राम केळापुरे ने रखी। उन्होंने गणतंत्र दिवस के महत्व और संविधान के मूल्यों के बारे में बात की।
ध्वजवंदन और राष्ट्रगान के बाद मशहूर देशभक्ति गीत ‘ए मेरे वतन के लोगों’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इस गीत ने सभी उपस्थित लोगों के दिलों को छू लिया। लोगों की आंखों में देशभक्ति के आंसू दिखाई दिए। यह प्रस्तुति कार्यक्रम की सबसे यादगार क्षणों में से एक थी।
उपस्थित गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश विजय मुरकुटे सहित अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। स्थानीय व्यापारी, शिक्षक, डॉक्टर, वकील और समाज के अन्य वर्गों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने गणतंत्र दिवस की बधाई एक-दूसरे को दी और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया।
वंदे मातरम से हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम के उद्घोष के साथ हुआ। सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ मिलकर वंदे मातरम का नारा लगाया। यह दृश्य बेहद भावुक और प्रेरणादायक था। इसके बाद समिति के सह सचिव डॉ. संदीप पथे ने सभी अतिथियों और उपस्थित नागरिकों का धन्यवाद किया।
समाज के लिए प्रेरणा
Padma Shri Dr Vilas Dangre: इस तरह के कार्यक्रम समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को जगाते हैं। राणा प्रताप नगर नागरिक समिति का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने न केवल गणतंत्र दिवस को मनाया बल्कि समाज के उन लोगों को भी सम्मानित किया जो देश और समाज की सेवा में लगे हुए हैं। पद्मश्री डॉ. विलासजी डांगरे जैसे लोग युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
यह कार्यक्रम यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी संस्थाएं किस तरह राष्ट्रीय पर्वों को सार्थक बना सकती हैं। नागरिक समितियां समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे की योजनाएं
समिति ने आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। वे चाहते हैं कि हर साल गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस को भव्य तरीके से मनाया जाए। इसके साथ ही महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा की स्थापना के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे।
राणा प्रताप नगर के निवासियों ने इस कार्यक्रम की बहुत सराहना की है। उन्होंने समिति को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सहयोग का आश्वासन दिया।