मुरादाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक हिंदू छात्रा को जबरन बुर्का पहनाया गया। यह घटना बिलारी नगर के साहू कुंज कालोनी में हुई जहां एक 16 वर्षीय लड़की ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इस मामले में पुलिस ने पांच नाबालिग लड़कियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
घटना की पूरी जानकारी
बिलारी थाना क्षेत्र के मोहल्ला अब्दुल्ला दक्षिणी में रहने वाली एक 16 वर्षीय छात्रा 12वीं कक्षा में पढ़ती है। वह नियमित रूप से साहू कुंज कालोनी में स्थित एक कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इसी कोचिंग सेंटर में कई अन्य छात्राएं भी पढ़ती हैं।
पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी बहन के साथ कोचिंग में कुछ मुस्लिम समुदाय की लड़कियां भी पढ़ती थीं। धीरे-धीरे इन लड़कियों ने उसकी बहन के साथ दोस्ती बढ़ाई और फिर उस पर अलग तरह का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
जबरन बुर्का पहनाने की घटना
आरोप के अनुसार, कोचिंग में पढ़ने वाली पांच लड़कियों ने मिलकर पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाया। यह घटना पिछले सप्ताह हुई थी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी बनाया गया जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया और परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि किस तरह से छात्रा को बुर्का पहनाया जा रहा था। इस घटना से छात्रा के परिवार में काफी गुस्सा और डर का माहौल है।
धर्मांतरण का दबाव
मामला सिर्फ बुर्का पहनाने तक ही सीमित नहीं था। पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि इन लड़कियों ने उसकी बहन पर धर्म बदलने का भी दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि ये लड़कियां लगातार उसकी बहन को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए कहती रहती थीं।
तहरीर में खास तौर पर थावला गांव की एक छात्रा का नाम लिया गया है जो इस पूरे मामले में मुख्य भूमिका में थी। आरोप है कि वह अन्य चार लड़कियों के साथ मिलकर पीड़िता पर दबाव बनाती थी।
परिवार की चिंता
पीड़िता के भाई ने पुलिस को बताया कि उसे इस पूरे मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका है। उसने कहा कि कुछ नाबालिग लड़कियां अकेले ऐसा नहीं कर सकतीं। इसके पीछे जरूर किसी बड़े व्यक्ति या संगठन का हाथ हो सकता है।
परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता है। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुरुवार रात को कार्रवाई की। बिलारी थाना पुलिस ने पांच लड़कियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी की उम्र 15 से 17 साल के बीच है, यानी सभी नाबालिग हैं।
किन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने यह केस उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया है। यह कानून जबरन या धोखे से किसी का धर्म बदलवाने की कोशिश को रोकने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पांच नाबालिग लड़कियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
आगे की जांच
पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन नाबालिग लड़कियों को किसी ने इस काम के लिए उकसाया था या उनके पीछे कोई बड़ा संगठन है।
पुलिस ने वायरल वीडियो को भी सबूत के तौर पर लिया है। कोचिंग सेंटर के संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।
सामाजिक असर
यह घटना समाज में कई सवाल खड़े करती है। एक तरफ जहां नाबालिग लड़कियों का इस तरह के काम में शामिल होना चिंता का विषय है, वहीं दूसरी तरफ यह भी देखना जरूरी है कि उन्हें इस काम के लिए किसने उकसाया।
शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी
इस मामले में कोचिंग सेंटर की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। ट्यूशन सेंटर में पढ़ाई के अलावा ऐसी गतिविधियां कैसे हो सकती हैं यह सोचने वाली बात है। शिक्षण संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
माता-पिता की सतर्कता
इस घटना से यह सबक भी मिलता है कि माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। बच्चे किसके साथ दोस्ती कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं और क्या कर रहे हैं, इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
कानूनी पहलू
उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया है। इस कानून के तहत जबरन या प्रलोभन देकर किसी का धर्म बदलवाने की कोशिश करना गंभीर अपराध है। इस कानून में सजा के साथ-साथ जुर्माने का भी प्रावधान है।
नाबालिग होने का मुद्दा
इस केस में एक खास बात यह है कि सभी आरोपी नाबालिग हैं। ऐसे में उनके साथ किशोर न्याय कानून के तहत व्यवहार किया जाएगा। हालांकि पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इन नाबालिग लड़कियों को किसी बड़े व्यक्ति ने इस काम के लिए इस्तेमाल किया।
मुरादाबाद में हुई यह घटना गंभीर चिंता का विषय है। एक तरफ जहां नाबालिग लड़कियों का इस तरह के काम में शामिल होना दुखद है, वहीं दूसरी तरफ किसी छात्रा पर जबरन धार्मिक दबाव बनाना भी निंदनीय है। पुलिस की जांच से यह पता चलेगा कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका थी। समाज को भी ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है ताकि युवा पीढ़ी को गलत राह पर जाने से रोका जा सके।