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विधानसभा चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका! पूर्वी रॉय प्रधान ने थामा BJP का दामन

विधानसभा चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका! पूर्वी रॉय प्रधान ने थामा BJP का दामन
विधानसभा चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका! पूर्वी रॉय प्रधान ने थामा BJP का दामन

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल पार्षद पूर्वी रॉय प्रधान ने भाजपा ज्वाइन कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। पार्टी उम्मीदवार से नाराजगी के चलते उन्होंने यह फैसला लिया। इस घटनाक्रम को भाजपा की मजबूती और तृणमूल के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।

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Purvi Roy Pradhan Join BJP: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासत गरमा गई है। हल्दिबारी नगरपालिका की तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद पूर्वी रॉय प्रधान ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। मतदान से महज एक सप्ताह पहले पार्टी बदलने के बाद राजनीति में नई हलचल पैदा हो गयी है.

पूर्वी रॉय ने क्यों छोड़ा TMC

दरअसल, मेखलीगंज विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर परेश चंद्र अधिकारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम की घोषणा होते ही पार्टी के भीतर असंतोष की आवाजें उठने लगी थीं। शिक्षक भर्ती घोटाले में उनका नाम अप्रत्यक्ष रूप से सामने आने और अपनी बेटी को नौकरी दिलाने के आरोपों ने उनकी छवि को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं कारणों से पूर्वी रॉय प्रधान नाराज थीं और उन्होंने खुलकर पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए।

कूचबिहार से 8 बार सांसद रही है पूर्वी रॉय

पूर्वी रॉय का यह कदम अचानक नहीं माना जा रहा है। उनके पति और मेखलीगंज के पूर्व विधायक अर्घ्य रॉय प्रधान भी हाल ही में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने भाजपा नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का झंडा थामा था। अब पूर्वी रॉय ने भी उसी राह पर चलते हुए भाजपा जॉइन कर ली है। वह हल्दिबारी नगरपालिका के वार्ड संख्या 7 की पार्षद हैं और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से आती हैं. वह कूचबिहार से आठ बार सांसद रहे अमर रॉय प्रधान की बहू हैं।

TMC की प्रतिक्रिया

इधर नगर ब्लॉक अध्यक्ष और हल्दिबारी नगरपालिका के उपाध्यक्ष अमिताभ बिश्वास ने कहा कि पूर्वी रॉय के पार्टी छोड़ने से संगठन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने पति-पत्नी दोनों को “स्वार्थी” बताते हुए आरोप लगाया कि वे भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को ध्यान में रखकर फैसले ले रहे हैं।

पूर्वी रॉय बताया अपना विचार

हालांकि, पूर्वी रॉय प्रधान ने अपने फैसले को पूरी तरह वैचारिक बताया है। उनका कहना है कि वह ऐसे उम्मीदवार के लिए जनता से वोट नहीं मांग सकतीं, जिन पर गंभीर आरोप लगे हों। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, जो उनके लिए एक बड़ा मुद्दा है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।