भवानीपुर में चुनावी माहौल गरम, मतदाता सूची पर विवाद बढ़ा
Firhad Hakim Bhabanipur campaign Election Commission voter deletion: कोलकाता | भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में तृणमूल कांग्रेस नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने बुधवार सुबह भवानीपुर में जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने पहले हॉर्टिकल्चर पार्क में मॉर्निंग वॉकर्स से मुलाकात की, फिर कोलकाता नगर निगम के अपने वार्ड नंबर 82 के चेतला सब्जी बागान इलाके में घर-घर जाकर प्रचार किया।
अमित शाह के प्रचार दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के भवानीपुर आगमन पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में हाकिम ने कहा – “अमित शाह आएं या ट्रंप आएं, भवानीपुर की मिट्टी ममता बनर्जी की मिट्टी है। यहाँ ताकत दिखाने से कुछ नहीं होगा। ट्रंप को भी लाएं तो काम नहीं आएगा – जिनके सामने मोदी झुकते हैं, पैर पड़ते हैं, वो भी आएं तो कुछ नहीं होगा।”
शुभेंदु अधिकारी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा – “शुभेंदु अधिकारी ठाकुरदा! मोदी के बच्चे हैं, और ट्रंप मोदी के बाप।”
प्रचार के बीच नेताओं की बयानबाजी और लोगों की बढ़ती चिंता
मतदाता सूची से नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी – हाकिम का बयान
सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी पर – जिसमें योग्य मतदाताओं के नाम हटाने को “निर्मम अत्याचार” बताया गया – हाकिम ने कहा, “हम पहले दिन से कह रहे हैं कि भारत के नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने का अधिकार चुनाव आयोग को नहीं है। 18 साल का जो भारतीय नागरिक है, संविधान उसे वोट देने का अधिकार देता है। यह अत्याचार ही नहीं, संविधान विरोधी काम है – और जो संविधान विरोधी है, वह भारत विरोधी है।”
उन्होंने आगे कहा – “कभी बिहार फुट, कभी बांचे-बांचे ट्रक भर कर फॉर्म 6 लाया जा रहा है – और कभी वैध मतदाताओं को हटाया जा रहा है। लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी क्या है? मेरे बाप का नाम चट्टोपाध्याय है, मेरा नाम चटर्जी हो सकता है – इसमें इतने लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है?”
न्यायाधीश की टिप्पणी – “वैध मतदाताओं को वोट से रोकने का कोई कारण नहीं”
हाकिम ने कहा – “यहाँ सब वैध मतदाता हैं। यहाँ कोई घुसपैठिया या रोहिंग्या नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि नाम हटाना है तो कारण बताना होगा। यहाँ सिर्फ डिलीटेड लिस्ट पब्लिश हो रही है – यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है। सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि चुनाव आयोग को अभी बर्खास्त करे।”
कालियाचक घटना पर प्रतिक्रिया
कालियाचक की घटना पर हाकिम ने भावनात्मक लहजे में कहा – “जिसका नाम हटता है उसकी टेंशन सोचिए। वो सोचता है – मैं भारत का नागरिक हूं, मेरा वोटाधिकार चला गया, मैं डिलीटेड हो गया – अब मेरा अस्तित्व क्या है? मेरे मोहल्ले के कई लोगों का नाम गया है, वो मेरा हाथ पकड़ कर पूछते हैं – कहाँ जाएं? मैं जवाब नहीं दे पाता।”
सुकांत मजूमदार की टिप्पणी पर पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के बयान पर हाकिम ने कहा – “तृणमूल कुछ नहीं करेगी और सब काट कर तुम्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी दे देगी? लेबेन चुस! जितनी फालतू बातें हैं सुकांत की। चुनाव आयोग को फिट करके रखा है – लेकिन सत्ता लेनी है तो जमीन पर तृणमूल से लड़कर लेनी होगी। सीपीएम के खिलाफ इंच-इंच लड़ कर हम यहाँ आए हैं। मतदाताओं को हटाकर, धर्म का ध्रुवीकरण करके, चाकू मारकर – यह राजनीति नहीं, धंधेबाजी है।”
भवानीपुर विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं प्रत्याशी हैं और भाजपा ने अपने उम्मीदवार का नामांकन कर दिया है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल