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पश्चिम बंगाल में कल मतगणना: नतीजों से पहले हाई अलर्ट! काउंटिंग सेंटरों के पास धारा 163 लागू 

पश्चिम बंगाल में कल मतगणना: नतीजों से पहले हाई अलर्ट! काउंटिंग सेंटरों के पास धारा 163 लागू 
कोलकाता में सड़क पर जुमे की नमाज को लेकर बवाल, पुलिस और नमाजियों में बहस (File photo)

पश्चिम बंगाल में कल होने वाली मतगणना से पहले पूरा राज्य हाई अलर्ट पर है। कोलकाता समेत सभी काउंटिंग सेंटरों पर धारा 163 लागू, थ्री-लेयर सुरक्षा और 700 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात हैं। प्रशासन का फोकस शांतिपूर्ण मतगणना पर है ताकि नतीजों के दिन किसी भी अशांति को रोका जा सके।

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Dipali Kumari
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West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले पूरे राज्य, खासकर कोलकाता में माहौल बेहद संवेदनशील हो गया है। कल यानी सोमवार को होने वाली मतगणना और परिणामों की घोषणा को लेकर चुनाव आयोग और प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं, जिन्हें देखकर राजधानी कोलकाता किसी हाई अलर्ट जोन जैसी नजर आ रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, केंद्रीय बलों की तैनाती और मतगणना केंद्रों के आसपास सख्त पाबंदियों ने साफ कर दिया है कि इस बार आयोग किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

काउंटिंग सेंटरों के आसपास धारा 163 लागू

मतगणना से एक दिन पहले ही कोलकाता समेत पूरे पश्चिम बंगाल के सभी काउंटिंग सेंटरों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने और अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर के दायरे में थ्री-लेयर सिक्योरिटी लागू की गई है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं।

प्रमुख इलाकों में सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित

राजधानी कोलकाता के कई प्रमुख इलाकों में सड़कों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है। लॉर्ड सिन्हा रोड सहित कई संवेदनशील मार्गों पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। केवल चुनाव आयोग के अधिकृत क्यूआर-कोड वाले पहचान पत्र धारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स, एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज, सेंट थॉमस बॉयज हाई स्कूल, बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल और डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज जैसे प्रमुख मतगणना केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

कई क्षेत्र ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित

पूर्वी मिदनापुर जिले के तामलुक, हल्दिया, कांथी और एगरा जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। इन क्षेत्रों को ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित किया गया है, जहां ड्रोन उड़ाने, विजय जुलूस निकालने और पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। जिला प्रशासन लगातार माइकिंग कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

700 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनाती

राज्यभर में कुल 700 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष पेट्रोलिंग हो रही है ताकि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, अशांति या राजनीतिक टकराव को रोका जा सके। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।