West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले पूरे राज्य, खासकर कोलकाता में माहौल बेहद संवेदनशील हो गया है। कल यानी सोमवार को होने वाली मतगणना और परिणामों की घोषणा को लेकर चुनाव आयोग और प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं, जिन्हें देखकर राजधानी कोलकाता किसी हाई अलर्ट जोन जैसी नजर आ रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, केंद्रीय बलों की तैनाती और मतगणना केंद्रों के आसपास सख्त पाबंदियों ने साफ कर दिया है कि इस बार आयोग किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
काउंटिंग सेंटरों के आसपास धारा 163 लागू
मतगणना से एक दिन पहले ही कोलकाता समेत पूरे पश्चिम बंगाल के सभी काउंटिंग सेंटरों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने और अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर के दायरे में थ्री-लेयर सिक्योरिटी लागू की गई है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं।
प्रमुख इलाकों में सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित
राजधानी कोलकाता के कई प्रमुख इलाकों में सड़कों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है। लॉर्ड सिन्हा रोड सहित कई संवेदनशील मार्गों पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। केवल चुनाव आयोग के अधिकृत क्यूआर-कोड वाले पहचान पत्र धारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स, एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज, सेंट थॉमस बॉयज हाई स्कूल, बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल और डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज जैसे प्रमुख मतगणना केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
कई क्षेत्र ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित
पूर्वी मिदनापुर जिले के तामलुक, हल्दिया, कांथी और एगरा जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। इन क्षेत्रों को ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित किया गया है, जहां ड्रोन उड़ाने, विजय जुलूस निकालने और पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। जिला प्रशासन लगातार माइकिंग कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
700 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनाती
राज्यभर में कुल 700 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष पेट्रोलिंग हो रही है ताकि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, अशांति या राजनीतिक टकराव को रोका जा सके। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।