West Bengal Exit poll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। कई सर्वे इस बार भाजपा को मजबूत बढ़त या बहुमत के करीब दिखा रहे हैं, जबकि कुछ पोल अब भी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वापसी का दावा कर रहे हैं। लेकिन बंगाल की राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि यहां एग्जिट पोल और असली नतीजों के बीच बड़ा अंतर पहले भी देखा जा चुका है। सबसे बड़ा उदाहरण है 2021 का चुनाव।
Exit Poll 2021 में भाजपा को मिल रही थी 170 से ज्यादा सीटें
2021 विधानसभा चुनाव में लगभग सभी बड़े एग्जिट पोल्स ने भाजपा को जबरदस्त बढ़त या कम से कम टीएमसी के साथ कांटे की टक्कर में दिखाया था। कुछ एजेंसियों ने भाजपा को 170 से ज्यादा सीटें तक दे दी थीं। रिपब्लिक जन की बात और इंडिया टीवी पीपुल्स पल्स जैसे सर्वे ने भाजपा सरकार बनने तक के संकेत दिए थे। उस समय माहौल ऐसा बना कि बंगाल में पहली बार भाजपा सत्ता में आ सकती है।
TMC को मिली थी प्रचंड जीत
लेकिन जब 2 मई 2021 को असली नतीजे आए, तो तस्वीर पूरी तरह उलट गई। ममता बनर्जी की टीएमसी ने 215 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की, जबकि भाजपा सिर्फ 77 सीटों पर सिमट गई। यानी एग्जिट पोल में जो ‘भगवा लहर’ दिख रही थी, वह जमीन पर वैसी साबित नहीं हुई। बंगाल ने साफ संदेश दिया कि यहां अंतिम फैसला मतदाता चुपचाप करता है।
Exit Poll 2026 में भाजपा को 150+ सीटें
अब 2026 में फिर वही कहानी दोहराती दिख रही है। कई एग्जिट पोल्स भाजपा को 150+ सीटों तक पहुंचा रहे हैं, कुछ ‘पोल ऑफ पोल्स’ में भाजपा को मामूली बढ़त मिल रही है, जबकि कुछ सर्वे जैसे पीपल्स पल्स टीएमसी को अब भी स्पष्ट बढ़त दे रहे हैं। कुल मिलाकर तस्वीर बेहद करीबी है और कई विश्लेषक ‘हंग असेंबली’ की संभावना भी जता रहे हैं। Reuters और अन्य ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा को इस बार पहले से ज्यादा मजबूत चुनौतीकर्ता माना जा रहा है, लेकिन TMC को पूरी तरह खारिज करना अभी जल्दबाजी होगी।
4 मई को मतगणना
बंगाल की राजनीति में जातीय समीकरण, महिला वोट बैंक, ग्रामीण समर्थन और स्थानीय मुद्दे अक्सर एग्जिट पोल के गणित को बिगाड़ देते हैं। यही वजह है कि 2021 की तरह इस बार भी सवाल वही है कि क्या भाजपा के पक्ष में दिख रहे एग्जिट पोल सच साबित होंगे, या ममता बनर्जी फिर ‘खेला होबे’ कर देंगी?
फिलहाल इतना तय है कि एग्जिट पोल सिर्फ संकेत हैं, अंतिम सत्य नहीं। बंगाल ने पहले भी चौंकाया है और 4 मई के नतीजे बताएंगे कि इस बार जनता ने भाजपा को मौका दिया है या टीएमसी ने फिर बाजी मार ली।