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2021 में एग्जिट पोल ने बंगाल में दिखाई थी BJP की जीत , लेकिन पलट गए नतीजे; क्या 2026 में भी इतिहास दोहराएगा?

2021 में एग्जिट पोल ने बंगाल में दिखाई थी BJP की जीत , लेकिन पलट गए नतीजे; क्या 2026 में भी इतिहास दोहराएगा?
2021 में एग्जिट पोल ने बंगाल में दिखाई थी BJP की जीत , लेकिन पलट गए नतीजे; क्या 2026 में भी इतिहास दोहराएगा?

2021 में पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल्स ने भाजपा को मजबूत बढ़त दिखाई थी, लेकिन असली नतीजों में टीएमसी ने बड़ी जीत दर्ज कर सभी अनुमान पलट दिए। अब 2026 में फिर भाजपा को बढ़त के दावे हो रहे हैं, जिससे सवाल उठ रहा है कि क्या बंगाल एक बार फिर सबको चौंकाएगा?

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Dipali Kumari
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West Bengal Exit poll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। कई सर्वे इस बार भाजपा को मजबूत बढ़त या बहुमत के करीब दिखा रहे हैं, जबकि कुछ पोल अब भी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वापसी का दावा कर रहे हैं। लेकिन बंगाल की राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि यहां एग्जिट पोल और असली नतीजों के बीच बड़ा अंतर पहले भी देखा जा चुका है। सबसे बड़ा उदाहरण है 2021 का चुनाव।

Exit Poll 2021 में  भाजपा को मिल रही थी 170 से ज्यादा सीटें

2021 विधानसभा चुनाव में लगभग सभी बड़े एग्जिट पोल्स ने भाजपा को जबरदस्त बढ़त या कम से कम टीएमसी के साथ कांटे की टक्कर में दिखाया था। कुछ एजेंसियों ने भाजपा को 170 से ज्यादा सीटें तक दे दी थीं। रिपब्लिक जन की बात और इंडिया टीवी पीपुल्स पल्स जैसे सर्वे ने भाजपा सरकार बनने तक के संकेत दिए थे। उस समय माहौल ऐसा बना कि बंगाल में पहली बार भाजपा सत्ता में आ सकती है।

TMC को मिली थी प्रचंड जीत

लेकिन जब 2 मई 2021 को असली नतीजे आए, तो तस्वीर पूरी तरह उलट गई। ममता बनर्जी की टीएमसी ने 215 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की, जबकि भाजपा सिर्फ 77 सीटों पर सिमट गई। यानी एग्जिट पोल में जो ‘भगवा लहर’ दिख रही थी, वह जमीन पर वैसी साबित नहीं हुई। बंगाल ने साफ संदेश दिया कि यहां अंतिम फैसला मतदाता चुपचाप करता है।

Exit Poll 2026 में भाजपा को 150+ सीटें

अब 2026 में फिर वही कहानी दोहराती दिख रही है। कई एग्जिट पोल्स भाजपा को 150+ सीटों तक पहुंचा रहे हैं, कुछ ‘पोल ऑफ पोल्स’ में भाजपा को मामूली बढ़त मिल रही है, जबकि कुछ सर्वे जैसे पीपल्स पल्स टीएमसी को अब भी स्पष्ट बढ़त दे रहे हैं। कुल मिलाकर तस्वीर बेहद करीबी है और कई विश्लेषक ‘हंग असेंबली’ की संभावना भी जता रहे हैं। Reuters और अन्य ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा को इस बार पहले से ज्यादा मजबूत चुनौतीकर्ता माना जा रहा है, लेकिन TMC को पूरी तरह खारिज करना अभी जल्दबाजी होगी।

4 मई को मतगणना

बंगाल की राजनीति में जातीय समीकरण, महिला वोट बैंक, ग्रामीण समर्थन और स्थानीय मुद्दे अक्सर एग्जिट पोल के गणित को बिगाड़ देते हैं। यही वजह है कि 2021 की तरह इस बार भी सवाल वही है कि क्या भाजपा के पक्ष में दिख रहे एग्जिट पोल सच साबित होंगे, या ममता बनर्जी फिर ‘खेला होबे’ कर देंगी?

फिलहाल इतना तय है कि एग्जिट पोल सिर्फ संकेत हैं, अंतिम सत्य नहीं। बंगाल ने पहले भी चौंकाया है  और 4 मई के नतीजे बताएंगे कि इस बार जनता ने भाजपा को मौका दिया है या टीएमसी ने फिर बाजी मार ली।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।