ndia Farmer Suicide : हर घंटे एक किसान या खेतिहर मजदूर अपनी जान दे रहा है। एनसीआरबी 2024 की रिपोर्ट बताती है कि खेती का संकट अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों की जिंदगी को तोड़ रहा है। बढ़ता कर्ज, घटती आमदनी, मजदूरी पर बढ़ती निर्भरता और आर्थिक असुरक्षा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर देश का अन्नदाता कब तक यूं ही मरता रहेगा?