
Tirupati Silk Dupatta Scam: पिछले कुछ समय से तिरुपति तिरुमला देवस्थानम मंदिर कई विवादों में घिरा है, कभी लड्डू घोटाला तो कभी परकमानी अनियमितताएं। परंतु इस बार जो खुलासा हुआ है, उसने मंदिर प्रशासन और लाखों श्रद्धालुओं दोनों को हिलाकर रख दिया है। ट्रस्ट ने पहली बार स्वीकार किया है कि पिछले एक दशक तक श्रद्धालुओं और दानदाताओं को दिए जाने वाले ‘रेशमी दुपट्टे’ असल में रेशम के नहीं, बल्कि 100% पॉलिएस्टर के थे। लगभग 55 करोड़ रुपये का यह घोटाला अब आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो के दायरे में है। जाँच में कैसे खुली परतें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अध्यक्ष

Tirupati Silk Dupatta Scam: पिछले कुछ समय से तिरुपति तिरुमला देवस्थानम मंदिर कई विवादों में घिरा है, कभी लड्डू घोटाला तो कभी परकमानी अनियमितताएं। परंतु इस बार जो खुलासा हुआ है, उसने मंदिर प्रशासन और लाखों श्रद्धालुओं दोनों को हिलाकर रख दिया है। ट्रस्ट ने पहली बार स्वीकार किया है कि पिछले एक दशक तक श्रद्धालुओं और दानदाताओं को दिए जाने वाले ‘रेशमी दुपट्टे’ असल में रेशम के नहीं, बल्कि 100% पॉलिएस्टर के थे। लगभग 55 करोड़ रुपये का यह घोटाला अब आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो के दायरे में है। जाँच में कैसे खुली परतें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अध्यक्ष

आंध्र प्रदेश में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई, शीर्ष माओवादी कमांडरों के सुरक्षा गार्ड सहित 50 नक्सली गिरफ्तार विजयवाड़ा, 18 नवंबर। मंगलवार को हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी कमांडर मदवी हिड़मा के मारे जाने के कुछ ही घंटे बाद आंध्र प्रदेश में एक बड़े अभियान के तहत 50 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से नौ माओवादी, संगठन प्रमुख थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी के निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। यह अभियान एक साथ पांच जिलों में चलाया गया, जिसमें इंटेलिजेंस विंग, स्थानीय पुलिस, OCTOPUS और ग्रेहाउंड्स की संयुक्त कार्रवाइयाँ शामिल थीं। व्यापक अभियान की पृष्ठभूमि सूत्रों के अनुसार,

आंध्र प्रदेश में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई, शीर्ष माओवादी कमांडरों के सुरक्षा गार्ड सहित 50 नक्सली गिरफ्तार विजयवाड़ा, 18 नवंबर। मंगलवार को हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी कमांडर मदवी हिड़मा के मारे जाने के कुछ ही घंटे बाद आंध्र प्रदेश में एक बड़े अभियान के तहत 50 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से नौ माओवादी, संगठन प्रमुख थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी के निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। यह अभियान एक साथ पांच जिलों में चलाया गया, जिसमें इंटेलिजेंस विंग, स्थानीय पुलिस, OCTOPUS और ग्रेहाउंड्स की संयुक्त कार्रवाइयाँ शामिल थीं। व्यापक अभियान की पृष्ठभूमि सूत्रों के अनुसार,