पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और उथल-पुथल देखने को मिली जब बसीरहाट के मौलानाबाग दरबार शरीफ के पीरजादा खोबायेब अमीन ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता उन्नयन पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। मुर्शिदाबाद के मोराडीघी में एक जनसभा के दौरान हुमायूं कबीर के हाथों उन्होंने JUP की सदस्यता ली और तुरंत राज्य अध्यक्ष का पद भी मिल गया। लेकिन असली सवाल यह है कि एक राज्य कार्यकारी सचिव के पद पर रहने वाले नेता को अचानक पार्टी छोड़ने की क्या जरूरत पड़ी? क्या कांग्रेस की नीतियों में कोई ऐसी खामी है जो अपने ही कार्यकर्ताओं को निराश कर