Harsha Richhariya: महाकुंभ 2025 के दौरान संतों के रथ पर साध्वी के वेश में दिखीं हर्षा रिछारिया देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गई थीं। किसी ने उन्हें आस्था का प्रतीक माना, तो किसी ने दिखावा कहा। लेकिन एक साल बाद वही हर्षा यह कह रही हैं कि यह पूरी यात्रा अब यहीं खत्म होनी चाहिए। महाकुंभ से शुरू हुई यात्रा का अंत हर्षा रिछारिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि माघ पूर्णिमा के दिन संगम स्नान के बाद वह धर्म के मार्ग पर चलने के अपने संकल्प को विराम देंगी। उनका कहना है कि