
भारत का सबसे बड़ा अंतरिक्ष मिशन तैयार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाने की तैयारी कर ली है। चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक सटीक स्थान चुन लिया गया है जहां भारत का लैंडर उतरेगा। यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि मिशन की लॉन्चिंग में अभी दो साल का समय बाकी है, लेकिन इसरो ने पहले ही अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय साबित होगा। चंद्रयान-4 मिशन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इस मिशन का

भारत का सबसे बड़ा अंतरिक्ष मिशन तैयार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाने की तैयारी कर ली है। चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक सटीक स्थान चुन लिया गया है जहां भारत का लैंडर उतरेगा। यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि मिशन की लॉन्चिंग में अभी दो साल का समय बाकी है, लेकिन इसरो ने पहले ही अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय साबित होगा। चंद्रयान-4 मिशन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इस मिशन का

NASA Artemis || Delayed, Full Details: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-2 को टाल दिया है। यह मिशन इस महीने फरवरी में होना था लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे अब मार्च महीने में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे। क्या है आर्टेमिस-2 मिशन आर्टेमिस-2 नासा का एक बेहद खास अंतरिक्ष मिशन है जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा कुल 10 दिन की होगी जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे। यह मिशन इसलिए

NASA Artemis || Delayed, Full Details: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-2 को टाल दिया है। यह मिशन इस महीने फरवरी में होना था लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे अब मार्च महीने में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे। क्या है आर्टेमिस-2 मिशन आर्टेमिस-2 नासा का एक बेहद खास अंतरिक्ष मिशन है जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा कुल 10 दिन की होगी जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे। यह मिशन इसलिए