
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर वैश्विक बैठक का समापन बैठक का पूरा दृश्य नई दिल्ली के लाल किले में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की अंतर सरकारी कमेटी का 20वां सत्र शांत और सफल माहौल में खत्म हुआ। यह बैठक कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई और इसका उद्देश्य दुनिया की अमूर्त परंपराओं को सुरक्षित करने के रास्तों पर विचार करना था। भारत ने इस वैश्विक बैठक की मेज़बानी बड़े गर्व और सम्मान के साथ की। भारत की ओर से स्वागत संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने अपने भाषण में कहा कि भारत को इस महत्वपूर्ण बैठक की

अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर वैश्विक बैठक का समापन बैठक का पूरा दृश्य नई दिल्ली के लाल किले में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की अंतर सरकारी कमेटी का 20वां सत्र शांत और सफल माहौल में खत्म हुआ। यह बैठक कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई और इसका उद्देश्य दुनिया की अमूर्त परंपराओं को सुरक्षित करने के रास्तों पर विचार करना था। भारत ने इस वैश्विक बैठक की मेज़बानी बड़े गर्व और सम्मान के साथ की। भारत की ओर से स्वागत संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने अपने भाषण में कहा कि भारत को इस महत्वपूर्ण बैठक की

दुर्गोत्सव: छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों को श्रद्धांजलि देने का अभिनव प्रयास महाराष्ट्र सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल किए जाने के उपलक्ष्य में ‘दुर्गोत्सव’ का आयोजन किया है। इस आयोजन का उद्देश्य इन किलों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक विश्वविक्रम स्थापित करना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नेतृत्व मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की शुरुआत की और राज्यभर में इसे एक जनोत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि “छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों का युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल किया जाना

दुर्गोत्सव: छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों को श्रद्धांजलि देने का अभिनव प्रयास महाराष्ट्र सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल किए जाने के उपलक्ष्य में ‘दुर्गोत्सव’ का आयोजन किया है। इस आयोजन का उद्देश्य इन किलों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक विश्वविक्रम स्थापित करना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नेतृत्व मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की शुरुआत की और राज्यभर में इसे एक जनोत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि “छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों का युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल किया जाना