
न्यायिक प्रक्रिया और जघन्य अपराध का खुलासा उत्तर प्रदेश के उरई क्षेत्र में घटित इस भयावह अपराध ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। अभियुक्त शोभराज उर्फ नीलू ने अपने ममेरे साले कमलेश का अपहरण कर उसे धारदार हथियार से आठ टुकड़ों में काट दिया। उसके पश्चात शव के टुकड़े प्लास्टिक और जूट की बोरियों में भर कर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिए गए। इस क्रूरता ने पूरे समुदाय को हिला कर रख दिया। उरई कोतवाली के अनुसार, घटना 26 मई 2009 की थी। कमलेश के पिता चतुर्भुज प्रशांत, जो महोबा जनपद में बिजली विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी थे,

न्यायिक प्रक्रिया और जघन्य अपराध का खुलासा उत्तर प्रदेश के उरई क्षेत्र में घटित इस भयावह अपराध ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। अभियुक्त शोभराज उर्फ नीलू ने अपने ममेरे साले कमलेश का अपहरण कर उसे धारदार हथियार से आठ टुकड़ों में काट दिया। उसके पश्चात शव के टुकड़े प्लास्टिक और जूट की बोरियों में भर कर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिए गए। इस क्रूरता ने पूरे समुदाय को हिला कर रख दिया। उरई कोतवाली के अनुसार, घटना 26 मई 2009 की थी। कमलेश के पिता चतुर्भुज प्रशांत, जो महोबा जनपद में बिजली विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी थे,

अवैध हथियार रखने वाला आरोपी पुलिस हिरासत से फरार लोनी। थाना क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वाले आरोपी दीपांशु पुलिस हिरासत से भाग गया, जिसे बाद में फिल्मी अंदाज में दबोचा गया। दीपांशु के पास से एक अवैध पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए थे। ऑटो रिक्शा से भागने की कोशिश जानकारी के अनुसार आरोपी को दो सिपाही ऑटो रिक्शा में बीच में बैठाकर ले जा रहे थे। जेल रोड पर शाम का अंधेरा और टूटी सड़क की वजह से ऑटो धीमी गति से चल रहा था। इसी दौरान दीपांशु ने अचानक ऑटो रिक्शा से कूदकर जंगल की ओर भागने

अवैध हथियार रखने वाला आरोपी पुलिस हिरासत से फरार लोनी। थाना क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वाले आरोपी दीपांशु पुलिस हिरासत से भाग गया, जिसे बाद में फिल्मी अंदाज में दबोचा गया। दीपांशु के पास से एक अवैध पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए थे। ऑटो रिक्शा से भागने की कोशिश जानकारी के अनुसार आरोपी को दो सिपाही ऑटो रिक्शा में बीच में बैठाकर ले जा रहे थे। जेल रोड पर शाम का अंधेरा और टूटी सड़क की वजह से ऑटो धीमी गति से चल रहा था। इसी दौरान दीपांशु ने अचानक ऑटो रिक्शा से कूदकर जंगल की ओर भागने