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Maharashtra News: सीसीएमपी प्रमाणपत्र वाले बीएचएमएस चिकित्सकों के पंजीकरण प्रस्ताव का विरोध, मरीजों की सुरक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

Maharashtra News: सीसीएमपी प्रमाणपत्र वाले बीएचएमएस चिकित्सकों के पंजीकरण प्रस्ताव का विरोध, मरीजों की सुरक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
Central MARD Maharashtra CCMP BHMS MMC registration opposition: सीसीएमपी प्रमाणपत्र वाले बीएचएमएस चिकित्सकों के पंजीकरण प्रस्ताव का विरोध, मरीजों की सुरक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा (Image: AI)

Central MARD Maharashtra CCMP BHMS MMC registration opposition: महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में सीसीएमपी प्रमाणपत्रधारी बीएचएमएस चिकित्सकों के पंजीकरण प्रस्ताव का सेंट्रल एमएआरडी महाराष्ट्र ने विरोध किया है। संगठन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा, वैज्ञानिक इलाज और कानूनी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही सरकार से प्रस्ताव वापस लेने, डॉक्टरों के खाली पद भरने और स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।

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Asfi Shadab
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मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Central MARD Maharashtra CCMP BHMS MMC registration opposition: मुंबई/महाराष्ट्र  सीसीएमपी (CCMP) प्रमाणपत्रधारी बीएचएमएस (BHMS) चिकित्सकों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल एमएमसी (MMC) में पंजीकरण देने के प्रस्ताव का सेंट्रल एमएआरडी (MARD) महाराष्ट्र ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यह किसी चिकित्सा पद्धति के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा, वैज्ञानिक मानकों और कानूनी जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है। सेंट्रल एमएआरडी (MARD) के अनुसार, आधुनिक चिकित्सा (एलोपैथी) का स्वतंत्र अभ्यास केवल उन्हीं डॉक्टरों को करना चाहिए जिन्होंने इसके अनुरूप पूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण और वैधानिक लाइसेंस प्राप्त किया हो।

प्रेस नोट में कहा गया कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों का हल क्रॉस-पैथी को मान्यता देकर नहीं निकाला जा सकता। इसके बजाय सरकार को खाली पड़े एमबीबीएस (MBBS) और विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद भरने, सरकारी अस्पतालों में संसाधन बढ़ाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

सरकार से प्रस्ताव वापस लेने की मांग

संगठन ने राज्य सरकार से सीसीएमपी (CCMP) पंजीकरण प्रस्ताव तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही अनधिकृत चिकित्सा व्यवसाय पर मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करने, क्रॉस-पैथी संबंधी शिकायतों के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने और लंबित शिकायतों पर पारदर्शी व समयबद्ध कार्रवाई की मांग भी दोहराई गई।

सेंट्रल एमएआरडी (MARD) महाराष्ट्र ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा, वैज्ञानिक प्रमाण-आधारित इलाज और प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा गुणवत्तापूर्ण उपचार से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।

अब सबकी नजर इस पर है कि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर आगे क्या रुख अपनाती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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