Asian Paints Q3 Results: देश की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे मंगलवार 27 जनवरी को जारी किए। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में साल-दर-साल के आधार पर 4.56 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,059.87 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1,110.48 करोड़ रुपये था। नतीजों की घोषणा के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और शेयर 6 प्रतिशत तक गिर गए।
नियामक फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसके मुनाफे पर एकबारगी असाधारण खर्चों का असर पड़ा है। इन खर्चों की कुल राशि 157.61 करोड़ रुपये रही, जिसमें श्रम संहिता लागू करने का प्रभाव और ऑबजेनिक्स सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण पर हुई हानि शामिल है। हालांकि, इन असाधारण खर्चों को छोड़कर देखें तो कंपनी का शुद्ध मुनाफा 7.7 प्रतिशत बढ़कर 1,215.7 करोड़ रुपये रहा।
आय में वृद्धि जारी
कंपनी की परिचालन से होने वाली आय में सालाना आधार पर 3.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 8,867.02 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8,549.44 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से अच्छी मात्रा वृद्धि और विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के कारण हुई।
असाधारण खर्चों का प्रभाव
कंपनी को श्रम संहिता के मोर्चे पर 63.74 करोड़ रुपये का एकबारगी खर्च करना पड़ा। इसमें ग्रेच्युटी देनदारी में 52.88 करोड़ रुपये की वृद्धि और प्रतिपूर्ति छुट्टियों के लिए देनदारी में 10.86 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी शामिल है। इसके अलावा, ऑबजेनिक्स सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड (व्हाइट टीक) के अधिग्रहण पर अमूर्त संपत्तियों पर 93.87 करोड़ रुपये की हानि हुई। इन खर्चों ने कंपनी के समग्र मुनाफे को प्रभावित किया है।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूती
एशियन पेंट्स के अंतरराष्ट्रीय कारोबार खंड में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। दिसंबर तिमाही में कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बिक्री 6.3 प्रतिशत बढ़कर 869.6 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 818 करोड़ रुपये थी। श्रीलंका, यूएई और इथियोपिया की इकाइयों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्थिर मुद्रा के आधार पर देखें तो शुद्ध बिक्री में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
होम डेकोर कारोबार की स्थिति
होम डेकोर कारोबार खंड में मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। बाथ फिटिंग कारोबार की शुद्ध बिक्री में 4.1 प्रतिशत की सालाना गिरावट आई और यह 84 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 87.6 करोड़ रुपये थी। दूसरी ओर, रसोई खंड की शुद्ध बिक्री 2.6 प्रतिशत बढ़कर 105.4 करोड़ रुपये रही। व्हाइट टीक खंड में 12.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि देखी गई और यह 29.2 करोड़ रुपये रहा। वेदरसील खंड ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और इसकी शुद्ध बिक्री 58.6 प्रतिशत बढ़कर 18.7 करोड़ रुपये हो गई।
औद्योगिक कारोबार में दोहरे अंक की वृद्धि
Asian Paints Q3 Results: औद्योगिक कारोबार खंड में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। एशियन पेंट्स पीपीजी प्राइवेट लिमिटेड की शुद्ध बिक्री 16.5 प्रतिशत बढ़कर 334.7 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 287.3 करोड़ रुपये थी। इसी तरह, पीपीजी एशियन पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की शुद्ध बिक्री में 16.9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई और यह 713.3 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 610.1 करोड़ रुपये थी।
सीईओ ने क्या कहा
कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिंगल ने नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी को अच्छी मात्रा वृद्धि मिली है। भारतीय सजावटी कारोबार ने तिमाही में 7.9 प्रतिशत की मजबूत मात्रा वृद्धि दर्ज की। समग्र कोटिंग कारोबार ने तिमाही के लिए 4.4 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्ज की, जबकि सजावटी कारोबार की आय में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सिंगल ने बताया कि बाजार में निरंतर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और मांग की सुस्त स्थिति के बावजूद कंपनी ने पहचानी गई विकास पहलों में लगातार कार्रवाई के माध्यम से गति बनाए रखी। कंपनी ने अपने ब्रांड निर्माण प्रयासों को तेज किया, खुदरा पहलों की एक मजबूत लहर शुरू की, और नवीन उत्पाद तथा सेवा प्रस्तावों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की।
उन्होंने कहा कि अनुशासित लागत प्रबंधन, पिछड़े एकीकरण के प्रयासों और बेहतर परिचालन दक्षता ने कंपनी को ब्रांड निवेश को बढ़ावा देने में सक्षम बनाया, साथ ही परिचालन मार्जिन में भी सुधार किया। औद्योगिक कोटिंग्स खंड ने अच्छी दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की, जिससे समग्र कोटिंग्स प्रदर्शन को बढ़ावा मिला।
सिंगल ने आगे कहा कि बाहरी वातावरण गतिशील बना हुआ है, लेकिन कंपनी विभेदित रणनीतियों को आगे बढ़ा रही है, अपनी संरचनात्मक ताकत का उपयोग कर रही है, और गति बनाए रखने, चुस्ती के साथ जवाब देने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपना रही है।
शेयर बाजार में प्रदर्शन
नतीजों की घोषणा के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एशियन पेंट्स के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। शेयर 5.83 प्रतिशत गिरकर 2,546 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए। मंगलवार को कारोबार के अंत में शेयर 2.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,628 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
27 जनवरी 2025 तक एनएसई के आंकड़ों के अनुसार एशियन पेंट्स का कुल बाजार पूंजीकरण 2.52 लाख करोड़ रुपये है। निवेशकों ने एकबारगी असाधारण खर्चों और मुनाफे में गिरावट को लेकर चिंता जताई, जिसके कारण शेयरों में बिकवाली का दबाव बना।
आगे की राह
कंपनी के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं। बाजार में तेज प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और मांग में उतार-चढ़ाव जैसे मुद्दे कंपनी को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान, नवाचार पर फोकस और बाजार में अग्रणी स्थिति इसे बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है। कंपनी ने अपनी विकास रणनीति पर जोर देते हुए नए उत्पादों और सेवाओं में निवेश जारी रखने की योजना बनाई है।
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