Nagpur Youth Training Scheme: नागपुर जिले में शिक्षित युवाओं के लिए महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। इस योजना के तहत हजारों बेरोजगार युवाओं को न केवल कौशल विकास का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे सीधे रोजगार पाने में भी सफल हो रहे हैं। नागपुर में इस योजना की सफलता की कहानियां युवाओं के बीच नई प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
एक सफल युवा की कहानी
एमसीए स्नातक प्रथमेश पांढरे की कहानी इस योजना की सफलता का जीता जागता उदाहरण है। प्रथमेश लंबे समय से आईटी क्षेत्र में नौकरी की तलाश में थे। अपनी शैक्षणिक योग्यता के बावजूद उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पा रहा था। वर्ष 2024 में उन्होंने मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना के बारे में सुना और तुरंत आवेदन किया।
योजना के अंतर्गत प्रथमेश को नागपुर के आईटी पार्क में स्थित लाइटहाउस इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड में प्रशिक्षण का मौका मिला। यह उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हर महीने 10,000 रुपये का शासकीय मानदेय भी प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ।
छह माह के प्रशिक्षण का सुनहरा परिणाम
प्रशिक्षण की अवधि में प्रथमेश को वास्तविक कार्य का अनुभव मिला। उन्होंने कंपनी के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम किया और तकनीकी कौशल में निपुणता हासिल की। उनकी मेहनत और प्रतिभा से प्रभावित होकर कंपनी ने प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर नियमित नौकरी दे दी। आज प्रथमेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने परिवार का भी सहारा बन गए हैं।
योजना का उद्देश्य और संरचना
महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के तहत युवाओं को 11 माह तक शासकीय और निजी दोनों प्रकार की संस्थानों में प्रशिक्षण का अवसर दिया जाता है।
योजना की खास बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मासिक मानदेय भी मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक चिंता कम होती है। इस अवधि में युवा व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं और उद्योग की मांग के अनुसार खुद को तैयार करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में मिले अवसर
नागपुर जिले में इस योजना के तहत युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर मिले हैं। आईटी सेक्टर के अलावा स्वास्थ्य, बैंकिंग, रिटेल और मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन विविध क्षेत्रों में अवसर मिलने से अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं को लाभ मिला है।
बैंकिंग क्षेत्र में कई युवाओं ने ग्राहक सेवा और वित्तीय प्रबंधन का अनुभव प्राप्त किया। स्वास्थ्य सेवा में प्रशिक्षण लेने वाले युवा अब अस्पतालों और क्लीनिकों में कार्यरत हैं। रिटेल सेक्टर में प्रशिक्षित युवा बिक्री और प्रबंधन में अपना योगदान दे रहे हैं।
नागपुर में योजना के आंकड़े
कौशल विकास, रोजगार व उद्यमिता विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नागपुर जिले में कुल 3,094 युवाओं ने इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनमें से 44 युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान ही उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सीधे नौकरी मिल गई।
यह संख्या भले ही कम दिखे, लेकिन इसका महत्व इसलिए है क्योंकि शेष युवा भी अब अनुभवी उम्मीदवार बन चुके हैं। 11 माह का कार्य अनुभव उनके बायोडाटा में महत्वपूर्ण जोड़ है, जो उन्हें अन्य नौकरी के अवसरों में बढ़त देता है। ये युवा अब रोजगार बाजार में अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी हैं।
युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ युवाओं में आत्मविश्वास का विकास है। केवल सैद्धांतिक ज्ञान से युवा रोजगार बाजार में टिक नहीं पाते। व्यावहारिक अनुभव उन्हें वास्तविक कार्य परिस्थितियों से रूबरू कराता है। प्रशिक्षण के दौरान वे कार्यस्थल की संस्कृति, टीम वर्क, समय प्रबंधन और पेशेवर व्यवहार सीखते हैं।
कई युवाओं ने बताया कि इस योजना से उन्हें अपने कौशल को पहचानने और सुधारने का मौका मिला। कुछ युवाओं ने प्रशिक्षण के बाद अपने खुद के छोटे व्यवसाय भी शुरू किए हैं। इस तरह योजना न केवल रोजगार बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित कर रही है।
सरकारी और निजी सहयोग
इस योजना की सफलता में शासकीय विभागों और निजी कंपनियों का समान योगदान है। निजी कंपनियां युवाओं को प्रशिक्षण देकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा रही हैं। साथ ही, उन्हें प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारी भी मिल रहे हैं।
शासकीय विभागों में भी युवाओं को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों का अनुभव मिल रहा है। यह अनुभव उन्हें सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सहायक हो रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
Nagpur Youth Training Scheme: मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना महाराष्ट्र में बेरोजगारी कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। नागपुर में इसकी सफलता अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा है। विभाग द्वारा और अधिक संस्थानों को इस योजना से जोड़ने की योजना है, जिससे अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।
युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपने कौशल विकास में निवेश करें। प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय भी एक अतिरिक्त लाभ है, जो आर्थिक दबाव को कम करता है।
नागपुर जिले में मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना की सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। प्रथमेश पांढरे जैसे सैकड़ों युवा इस योजना के जरिए अपने सपने साकार कर रहे हैं। यह योजना न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और कौशल विकास का सशक्त जरिया भी है।