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Kolkata News: दिलीप घोष बोले – OC, DM, SP बदलने से नहीं होगा, हम चाहते हैं मुख्यमंत्री का बदलाव, इको पार्क में BJP नेता का तीखा हमला

Kolkata News: दिलीप घोष बोले – OC, DM, SP बदलने से नहीं होगा, हम चाहते हैं मुख्यमंत्री का बदलाव, इको पार्क में BJP नेता का तीखा हमला
पश्चिम बंगाल की राजनीति गरम: दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

Dilip Ghosh BJP West Bengal election secretary transfer Election Commission: पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीख घोषित होते ही राजनीति तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने दो सचिवों का तबादला किया है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अधिकारियों के बदलाव से स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने चुनाव में हिंसा, केंद्रीय बल की भूमिका और डीए घोषणा को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।

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Asfi Shadab
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पश्चिम बंगाल चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासनिक बदलाव पर भाजपा का सवाल, दिलीप घोष ने सरकार को घेरा

Dilip Ghosh BJP West Bengal election secretary transfer Election Commission: कोलकाता | पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखें घोषित होते ही चुनाव आयोग ने दो अहम सचिवों का तबादला कर दिया। इस कदम पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इको पार्क में मौजूद घोष ने साफ कहा:

“हम तो पूरी सरकार बदलना चाहते हैं। OC, DM, SP या चीफ सेक्रेटरी बदलने से कोई फायदा नहीं होगा। हम मुख्यमंत्री का बदलाव चाहते हैं।”

चुनाव आयोग ने हिंसामुक्त चुनाव कराने की प्रतिबद्धता जताई है और पर्यवेक्षक अभी से मैदान में आने लगे हैं। लेकिन घोष को आयोग की कार्रवाई पर भरोसा नहीं:

चुनाव की तारीख घोषित होते ही सचिवों के तबादले और डीए घोषणा पर तेज हुई राजनीतिक बहस

“इस तरह की जो समस्याएं हम झेलते हैं, वो चुनाव आयोग को बताते हैं। लेकिन बार-बार यह बदलो, वो बदलो — असल में कुछ होता नहीं। कोलकाता में हमारी पार्टी की गाड़ी पर हमला हुआ, मंत्री घायल हुए, पुलिस पर ईंट पड़ी — फिर भी केंद्रीय बल को सक्रिय नहीं किया गया। सेंट्रल फोर्स को काम करते नहीं देखता। यह बार-बार होता है।”

तृणमूल कांग्रेस के जनता के नाम पर सड़क पर उतरने पर घोष ने व्यंग्य किया:

“चुनाव में सबकी हवा निकल जाएगी। अभी दिव्य तेल-जल में हैं इसलिए उछल रहे हैं। मोदी हैं इसलिए ठीक हैं। कोविड में भी जिन्होंने सबको बचाया, आगे भी वही सबको देखेंगे। राजनीति के लिए झूठ मत बोलिए।”

वोटर लिस्ट से 60 लाख नाम हटाए जाने के मामले में नवशाद का ममता से वोट बहिष्कार की अपील करने का आग्रह सामने आया है। इस पर घोष ने कहा:

“बहिष्कार करें। हम भी चाहते हैं कि एक भी सही वोटर न छूटे। हम चाहते हैं 60 लाख का वेरिफिकेशन हो।”

चुनाव की तारीख घोषणा से कई घंटे पहले ममता बनर्जी ने बकाया DA की घोषणा कर दी। घोष ने इसे चुनावी चाल बताया:

“ममता बनर्जी का हर मामले में मरते वक्त हरि का नाम जपना है। इतना सोचती थीं तो सुप्रीम कोर्ट क्यों गईं? अब देख रहे हैं कुर्सी नहीं बचेगी, इसलिए आखिरी वक्त में फेंक रहे हैं। पहले क्यों नहीं किया? यह सब चुनाव के लिए खेल है।”

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमा चुका है और आने वाले दिनों में सभी दलों की सक्रियता और तेज होने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।