HPV Vaccination Program: एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण में एकल खुराक के रूप में गार्डासिल (क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन) दी जाएगी। यह टीका मुख्य रूप से कैंसर पैदा करने वाले एचपीवी टाइप 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है, साथ ही टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देता है, जो जननांग की चोटों और मामूली संक्रमणों से बचाव करता है।
विशेष और स्वतंत्र अभियान के रूप में चलेगा
यह अभियान सरकार के सामान्य टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होगा, बल्कि विशेष और स्वतंत्र अभियान के रूप में चलेगा। इसका संचालन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिशों के अनुरूप होगा। WHO के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के उन्मूलन की वैश्विक रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ है। शोध बताते हैं कि अनुशंसित आयु वर्ग की लड़कियों में एक ही खुराक भी दीर्घकालिक और मजबूत सुरक्षा प्रदान करती है।

HPV Vaccination Program: गार्डासिल-4 दो खुराक वाला टीका
– खुले बाजार में गार्डासिल-4 दो खुराक वाला टीका है, जिसकी प्रत्येक खुराक की कीमत लगभग 3,927 रुपये है।
– 15 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए दो खुराक पर्याप्त हैं।
– 15 साल से अधिक आयु के लिए तीन खुराक आवश्यक हैं।
– टीका एमएसडी इंडिया द्वारा निर्मित है और राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत स्वैच्छिक व निःशुल्क उपलब्ध होगा।
सुरक्षा और प्रभावशीलता
गार्डासिल टीका दुनिया में सबसे अधिक अध्ययन किए गए टीकों में से एक है। 2006 से अब तक 50 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं, और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड उत्कृष्ट माना जाता है। वैज्ञानिक शोध यह दर्शाते हैं कि इस टीके की प्रभावशीलता 93–100% तक है।

भारत में स्थिति
भारत में महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 80,000 नए मामले और 42,000 से अधिक मौतें होती हैं। देश में 80% से अधिक मामले एचपीवी टाइप 16 और 18 के कारण होते हैं। टीकाकरण और प्रारंभिक जांच से इस घातक रोग को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्यक्रम का क्रियान्वयन
टीकाकरण अभियान सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चलाया जाएगा। सभी केंद्र सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो। सरकार ने गावी – द वैक्सीन एलायंस के साथ साझेदारी कर टीके की उच्च गुणवत्ता और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की है।
अभिभावकों के लिए संदेश
HPV Vaccination Program: माता-पिता और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे यह सुनिश्चित करें कि 14 वर्षीय बेटियों को टीका लगाया जाए, जिससे उनके जीवनभर स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में कमी आए। यह कार्यक्रम भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ‘स्वस्थ नारी’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह कदम लाखों लड़कियों और महिलाओं के जीवन को सुरक्षित करेगा और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी घातक बीमारियों पर निर्णायक प्रभाव डालेगा।

एचपीवी टीकाकरण और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के आंकड़े
– 3,927 है खुले बाजार में गार्डासिल-4 का प्रति खुराक मूल्य, जो दो खुराक वाला टीका है।
– 50 करोड़ है 2006 से अब तक दुनिया भर में दी गई एचपीवी टीके की खुराक।
– 93–100% है टीके की प्रभावशीलता गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को रोकने में।
– 80,000 है भारत में हर साल गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के नए मामले।
– 42,000+ है भारत में हर साल गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से होने वाली मौतें।
– 80% है भारत में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में एचपीवी टाइप 16 और 18 की हिस्सेदारी।
– 160 देशों ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी टीकाकरण शामिल किया है।
– 90 से अधिक देशों में एकल खुराक एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम लागू है।