Petrol-Diesel: मिडिल ईस्ट देशों में चल रहे युद्ध के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, जहां वाहन मालिक एहतियात के तौर पर ईंधन भरवाते नजर आए। सोशल मीडिया पर तेल की कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें भी तेजी से फैल रही हैं.
इसी बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार के अनुसार, भारत के पास इस समय करीब 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त भंडार मौजूद है। यह भंडार देश की जरूरतों को लगभग 7 से 8 सप्ताह यानी 50 से 60 दिनों तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
केवल कच्चा तेल ही नहीं, तैयार ईंधन का भी स्टॉक
सरकार ने यह भी बताया कि हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में लगातार तेल मौजूद रहता है और समुद्र के रास्ते कई बड़े तेल टैंकर भारतीय बंदरगाहों की ओर आ रहे हैं। सरकार के मुताबिक भारत के पास सिर्फ कच्चा तेल ही नहीं, बल्कि तैयार ईंधन का भी पर्याप्त भंडार है। इसमें पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमानों का ईंधन), एलपीजी और एलएनजी शामिल हैं।