Farsa Wale Baba Death: मथुरा में ‘फरसा बाबा’ के नाम से मशहूर गौ रक्षक की मौत के बाद आज जिस तरह का माहौल बना, अब उसकी परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश रची गई थी, ताकि ईद के मौके पर तनाव फैलाया जा सके।
सोशल मीडिया पर हिंसा भड़काने की कोशिश
दरअसल, फरसा बाबा की मौत एक सड़क हादसे में हुई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे सुनियोजित हत्या बताकर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलानी शुरू कर दीं। पिछले कई दिनों से भड़काऊ और भ्रामक पोस्ट के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है, जो इस अभियान में सक्रिय थे और अब उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गौ रक्षा की बात की जाती है, तो ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया।
सड़क दुर्घटना में फरसा बाबा की मौत
हालांकि प्रशासन का कहना है कि शुरुआती जांच में यह एक दुर्घटना ही प्रतीत हो रही है। चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह हादसा हरियाणा बॉर्डर के पास कोहरे और सड़क पर खड़े कंटेनर की वजह से हुआ। हादसे में ट्रक चालक की भी मौत हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। फरसा बाबा के गांव बरसाना में बैरिकेडिंग कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
चश्मदीदों के बयान भी इस मामले में अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिससे जांच और अहम हो गई है। फिलहाल प्रशासन हर पहलू से जांच कर रहा है और यह साफ किया है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।