Mamta Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल भी गर्म होता जा रहा है। इसी बीच कल शनिवार को मालदा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल तेज कर दी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मालदा दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा में कथित चूक का मामला सामने आया। चुनाव प्रचार के सिलसिले में मालतीपुर में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद जब वह गजोल के लिए रवाना होने वाली थीं, उसी दौरान एक संदिग्ध ड्रोन उनके हेलीकॉप्टर के बेहद करीब उड़ता हुआ नजर आया।
ड्रोन देख भड़की ममता बनर्जी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ममता बनर्जी जैसे ही हेलीकॉप्टर में सवार होने के लिए सीढ़ियां चढ़ रही थीं, तभी अचानक उनके सिर के ऊपर से ड्रोन गुजर गया। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर वह वहीं रुक गईं और तुरंत स्थिति का जायजा लेने लगीं। हाथ में माइक्रोफोन लिए उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया, “यह कौन कर रहा है?”
घटना के बाद ममता बनर्जी काफी गुस्से में दिखीं। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए और जो भी इसके पीछे है, उसकी पहचान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी, खासकर तब जब राज्य में चुनावी माहौल चल रहा हो।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ ही दिन पहले मालदा के कालियाचक इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान सात जजों को घंटों तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद से ही प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे, और अब इस नए घटनाक्रम ने पुलिस की तैयारियों को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
TMC ने जताई साजिश की आशंका
इस पूरे मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। TMC के नेताओं ने इसे संभावित साजिश से जोड़ते हुए गंभीर चिंता जताई है। पार्टी प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने सवाल उठाया कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य राज्य की मुख्यमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालना है।
किसका था ड्रोन ?
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसका था और उसे किस मकसद से उड़ाया गया था। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह ड्रोन सभा की तस्वीरें लेने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले 26 मार्च और 1 अप्रैल को मुख्यमंत्री के विमान से जुड़े दो अलग-अलग तकनीकी घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।