जल बचाव के लिए बड़ा अभियान
Godavari to Narmada Jal Yatra Nagpur: नागपुर, 24 अप्रैल। महाराष्ट्र को सूखा-मुक्त और जल साक्षर बनाने की दिशा में जलसंपदा विभाग द्वारा आयोजित “गोदावरी से नर्मदा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जलयात्रा अभियान” के तहत नागपुर जिले की पेंच और सूर नदियों के पवित्र जल को कलश में संकलित कर श्री क्षेत्र महेश्वर के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने पेंच नदी के जलकलश का विधिवत पूजन कर अभियान को शुभकामनाएं दीं।
अभियान का उद्देश्य
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर ने अपने कार्यकाल में जल प्रबंधन और बावड़ी (बारव) निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया। “विकसित भारत 2047” की संकल्पना के अंतर्गत उनके इस योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सूखा-मुक्त महाराष्ट्र के निर्माण के उद्देश्य से यह अभियान आयोजित किया जा रहा है।
नई पीढ़ी को मिलेगा जल बचाव का संदेश
यात्रा का मार्ग और विवरण
यह जलयात्रा 25 से 29 अप्रैल के बीच आयोजित होगी। यात्रा एक साथ दो स्थानों — अहिल्यादेवी के जन्मस्थान चोंडी और गोदावरी नदी के उद्गम स्थल त्र्यंबकेश्वर — से प्रारंभ होगी। राज्य की लगभग 30 नदियों का पवित्र जल एकत्र किया जाएगा। लगभग 500 जलयात्री इस अभियान में सहभागी होंगे। एकत्रित जल और पवित्र मिट्टी पहले शिर्डी में संकलित की जाएगी, और इसके बाद महेश्वर भेजी जाएगी।
कलश सौंपने की प्रक्रिया
कार्यक्रम में पेंच नदी का जलकलश मंत्री बावनकुळे ने तथा सूर नदी का जलकलश राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल ने संबंधित अधिकारियों को सौंपा।
यह जलयात्रा 29 अप्रैल को महेश्वर पहुंचकर संपन्न होगी, जहां राज्यभर की नदियों का पवित्र जल एकत्रित होगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र