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NGT Violation Tree Protection India: 17,533 पेड़ों का रिकॉर्ड गायब, NGT नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग

NGT Violation Tree Protection India: 17,533 पेड़ों का रिकॉर्ड गायब, NGT नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग
NGT Violation Tree Protection India: 17,533 पेड़ों का रिकॉर्ड गायब, NGT नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग ( Image - Hindu Janajagruti Samiti, Nagpur )

Environmental Protection : क्या शहरों के विकास के नाम पर पेड़ों की जड़ें धीरे-धीरे खत्म की जा रही हैं? पुणे में 17,533 पेड़ों का रिकॉर्ड अचानक गायब होने का खुलासा हुआ है, जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
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विषयसूची

‘सुराज्य अभियान’ ने उठाए गंभीर सवाल

NGT Violation Tree Protection India: शहरी विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बीच ‘सुराज्य अभियान’ ने गंभीर सवाल उठाए हैं और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। यह मुद्दा ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार परिषद में प्रमुखता से उठाया गया।

NGT Violation Tree Protection India
NGT Violation Tree Protection India – ( Image – Hindu Janajagruti Samiti, Nagpur )

सड़क निर्माण में पेड़ों को नुकसान का आरोप

NGT Violation Tree Protection India: इस दौरान ‘सुराज्य अभियान’ के राज्य समन्वयक अभिषेक मुरुकटे ने कहा कि सड़क और फुटपाथ निर्माण के दौरान पेड़ों के तनों तक कंक्रीट भर दिया जाता है, जिससे उनकी जड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है, तो दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 (एनजीटी एक्ट 2010) की धारा 26 के तहत आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इस पत्रकार परिषद में डॉ. उदय धुरी, प्रथमेश गायकवाड़ और गणेश कोली भी उपस्थित थे।

NGT Violation Tree Protection India
NGT Violation Tree Protection India – ( Image – Hindu Janajagruti Samiti, Nagpur )

महाराष्ट्र और कर्नाटक में निरीक्षण में गंभीर स्थिति उजागर

NGT Violation Tree Protection India: सुराज्य अभियान के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, सोलापुर, सांगली, सातारा, कोल्हापुर और जळगांव सहित कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालकर उनकी जड़ों को दबाया जा रहा है। संगठन का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के उन स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है, जिनमें पेड़ों के आसपास कम से कम खुली मिट्टी छोड़ना अनिवार्य बताया गया है।

सार्वजनिक धन के उपयोग पर उठते सवाल

NGT Violation Tree Protection India: इस पूरे मामले में सबसे गंभीर तथ्य पुणे से सामने आया है, जहां पुणे महानगरपालिका ने स्वीकार किया है कि पिछले दो वर्षों में लगाए गए 17,533 पेड़ों के जीवित रहने (सर्वाइवल) से संबंधित कोई अद्यतन आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है। अभियान का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लगाए गए पेड़ों का रिकॉर्ड न होना प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है तथा इससे सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी प्रश्न उठते हैं।

पर्यावरणीय प्रभाव और वैज्ञानिक चिंता

NGT Violation Tree Protection India: विशेषज्ञों के अनुसार, पेड़ों के आसपास कंक्रीट होने से उनकी जड़ों तक हवा और पानी का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे उनका विकास रुक सकता है और वे धीरे-धीरे नष्ट भी हो सकते हैं। इसके साथ ही यह स्थिति भूजल पुनर्भरण को प्रभावित करती है और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान, जिसे ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ कहा जाता है, को और गंभीर बना सकती है।

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NGT Violation Tree Protection India – ( Image – Hindu Janajagruti Samiti, Nagpur )

वृक्ष संजीवनी अभियान पर सवाल

NGT Violation Tree Protection India: मुंबई में 1 अप्रैल 2026 से शुरू किए गए ‘वृक्ष संजीवनी’ अभियान, जिसके तहत पेड़ों के आसपास जमा कंक्रीट हटाने का कार्य किया जा रहा है, पर भी सवाल उठाए गए हैं। अभियान का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान ही नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो ऐसे अभियान केवल अस्थायी समाधान बनकर रह जाते हैं।

कानूनी कार्रवाई और मांगें

NGT Violation Tree Protection India: सुराज्य अभियान ने मांग की है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 26 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं। साथ ही सड़क और फुटपाथ निर्माण के ठेकों में यह अनिवार्य शर्त जोड़ी जाए कि पेड़ों के आसपास कम से कम एक मीटर क्षेत्र खुला और कच्चा छोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, पिछले तीन वर्षों में किए गए वृक्षारोपण का स्वतंत्र थर्ड-पार्टी ऑडिट कर वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।

चेतावनी और आगे की कार्रवाई

NGT Violation Tree Protection India: अभियान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ अवमानना याचिका दायर करने जैसे कानूनी विकल्पों का सहारा लेगा।


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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।