PM Narendra Modi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी अपने चरम पर है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णानगर में एक चुनावी रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर तंज कसते हुए ‘झालमुड़ी’ का जिक्र किया, जो अब सियासी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।
प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मैंने झालमुड़ी खाई, लेकिन उसकी झाल यानी मिर्ची TMC को लगी है।” उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों के बीच हंसी और तालियों की गूंज सुनाई दी। यह टिप्पणी उस समय आई है जब राज्य में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान जारी है और हर दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने में जुटा है।
पीएम मोदी ने खायी थी झालमुड़ी
दरअसल, हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने एक स्थानीय दुकान से झालमुड़ी खरीदी और खाई थी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर करोड़ों व्यूज मिलने के बाद यह वीडियो आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया। यही वजह है कि पीएम मोदी ने अपनी रैली में इस मुद्दे को जोड़कर राजनीतिक तंज कसा।
सीएम ममता ने कहा- पीएम को मछली खानी चाहिए
हालांकि, इस पर सत्ताधारी TMC ने भी पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘नाटक’ करार देते हुए कहा कि यह सिर्फ दिखावा था और जो झालमुड़ी पीएम ने खाई, वह असली नहीं थी। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री बंगाल की संस्कृति को समझना चाहते हैं, तो उन्हें मछली खानी चाहिए और जरूरत पड़ी तो वह खुद बनाकर खिलाएंगी।
बंगाल में झालमुड़ी और मछली का महत्व
दरअसल, बंगाल में झालमुड़ी और मछली सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और पहचान का हिस्सा हैं। चुनावी माहौल में अब ये खान-पान की चीजें भी राजनीतिक मुद्दा बनती नजर आ रही हैं। Bharatiya Janata Party और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां TMC ने बीजेपी पर खान-पान की आजादी छीनने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है।