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ToggleSamrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। विशेष सत्र के दौरान एनडीए विधायकों का पूरा समर्थन उन्हें मिला, जिससे सरकार ने आसानी से बहुमत साबित कर दिया। विधानसभा पहुंचते ही सम्राट चौधरी का आत्मविश्वास साफ दिखा, जब उन्होंने ‘विक्ट्री साइन’ दिखाकर अपने इरादे जाहिर किए।
स्पीकर ने दी बधाई
सदन की कार्यवाही के दौरान माहौल सिर्फ औपचारिक नहीं रहा, बल्कि इसमें सियासी गर्माहट भी देखने को मिली। स्पीकर प्रेम कुमार ने नई सरकार को बधाई दी और कहा कि लोकतंत्र में विश्वास मत जीतना जनता के विश्वास को मजबूत करने जैसा है।
बिहार को समृद्ध बनाना है- सम्राट चौधरी
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्षों से एनडीए की सरकार ने सुशासन की दिशा में काम किया है। उन्होंने खास तौर पर ‘3C’ करप्शन, क्राइम और कम्युनिज्म का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्व सीएम नितीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका सपना बिहार को समृद्ध बनाना है और नई सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कसा तंज
हालांकि, सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा ने पहले ही फैसला कर लिया होता, तो विश्वास मत की नौबत नहीं आती। उन्होंने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘लालू जी की पाठशाला’ से जुड़ा बताया।
सत्ता किसी की बपौती नहीं होती- सम्राट चौधरी
इस पर मुख्यमंत्री ने भी बिना देर किए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती और वह यहां जनता के आशीर्वाद से पहुंचे हैं। साथ ही उन्होंने पुराने राजनीतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए अपनी बात को मजबूती से रखा। यह पल सदन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विश्वास मत के बाद सरकार अपने वादों को कितनी तेजी और मजबूती से जमीन पर उतार पाती है। बिहार की जनता को अब नतीजों का इंतजार रहेगा, क्योंकि राजनीति के इस अध्याय के बाद असली परीक्षा काम की शुरू होती है।