योजना की पारदर्शिता और निगरानी पर सरकार का जोर
Nagpur Panad Road Scheme quality review: नागपुर, 27 अप्रैल। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री बळीराजा पाणंद सड़क योजना में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बात उन्होंने नागपुर के नियोजन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कही, जहाँ जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सामने आया कि राज्य में यह योजना कई क्षेत्रों में सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर अतिक्रमण और स्थानीय विवादों के चलते काम रुका हुआ है। सड़कों की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मंत्री बावनकुळे ने इन पर गंभीर चिंता जताई।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह तय किया गया कि कोई भी सड़क कार्य तब तक शुरू नहीं होगा जब तक रास्ता अतिक्रमण मुक्त न हो, शासन के अनुसार क्रमांकित न हो और भू-अभिलेख विभाग द्वारा सीमांकन न किया गया हो।
सड़क निर्माण से पहले अतिक्रमण हटाना होगा जरूरी
सरकार ने इस योजना के लिए 14 विभिन्न योजनाओं का समन्वय किया है और 12 वित्तीय स्रोत उपलब्ध कराए हैं। अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व सेवाओं को सशक्त करने के लिए जिले में 100 सर्वेयर शीघ्र तैनात किए जाएंगे।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा हुई। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना को गाँव स्तर तक पहुँचाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिले में 390 पात्र अस्पतालों में से केवल 69 के पैनल पर होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। अगले छह महीनों में सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान और वय वंदना कार्ड बनवाना अनिवार्य किया गया है।
योजना के अमल पर अगली समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट माँगी जाएगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र