Vijay: तमिलनाडू की राजनीति इस समय पूरी तरह सत्ता के गणित और जोड़तोड़ के इर्द-गिर्द घूम रही है। अभिनेता से नेता बने विजय आज गुरुवार को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंचे, लेकिन उन्हें एक बार फिर निराशा हाथ लगी। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने साफ कर दिया कि बिना बहुमत साबित किए सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
118 विधायकों के समर्थन की मांग
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय से कहा कि पहले 118 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर आएं, तभी शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। दरअसल 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, जबकि विजय की पार्टी टीवीके को चुनाव में 108 सीटें मिली हैं। कांग्रेस का साथ मिलने से भी 113 सीटें ही हो रही है। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा अभी भी उनकी पहुंच से दूर दिखाई दे रहा है।
BREAKING: Thalapathy Vijay leaves Lok Bhavan after meeting Governor Rajendra Arlekar. pic.twitter.com/cAPnMkR5tp
— Actor Vijay Team (@ActorVijayTeam) May 7, 2026
TVK की अहम बैठक
तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त हर पल नया मोड़ देखने को मिल रहा है। एक तरफ विजय अपने समर्थकों और सहयोगी दलों के साथ लगातार बैठकों में जुटे हैं, तो दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में सरकार गठन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। गुरुवार को टीवीके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों की एक अहम बैठक भी बुलाई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पार्टी विधायक दल के नेता के नाम पर भी फैसला कर सकती है।
विजय के फैंस बेचैन
उधर विजय के समर्थकों में बेचैनी भी साफ दिखाई दे रही है। चुनाव में बड़ी जीत के बाद उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि विजय जल्द मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन अब सरकार गठन का रास्ता आसान नहीं दिख रहा। कई समर्थक सोशल मीडिया पर भी राज्यपाल के फैसले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
अब तमिलनाडु की जनता की नजरें उन छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों पर टिकी हैं, जिनके समर्थन से राज्य की सत्ता की तस्वीर बदल सकती है। सवाल अब भी वही है कि क्या विजय बहुमत जुटाकर सरकार बना पाएंगे, या तमिलनाडु की राजनीति आखिरी वक्त में फिर कोई बड़ा मोड़ ले लेगी।