Makhanlal Sarkar: कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शनिवार सुबह एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद 97 वर्षीय बीजेपी नेता माखन लाल सरकार से मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने उन्हें गले भी लगाया। इस दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।
#WATCH | Kolkata | PM Modi felicitates and takes blessings of Makhanlal Sarkar, one of the most senior workers of the BJP in West Bengal.
In 1952, Makhanlal Sarkar was arrested in Kashmir while accompanying Syama Prasad Mukherjee during the movement to hoist the Indian… pic.twitter.com/gpmLISKYZ5
— ANI (@ANI) May 9, 2026
कौन हैं माखन लाल सरकार?
माखन लाल सरकार बीजेपी के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी के शुरुआती दिनों में पश्चिम बंगाल में संगठन को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया कि माखन लाल सरकार, जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी सहयोगी रहे हैं। वह उस ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा का भी हिस्सा थे, जिसके दौरान डॉ. मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था और बाद में रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।
देशभक्ति गीत गाने पर हुई थी गिरफ्तारी
समिक भट्टाचार्य ने माखन लाल सरकार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान एक बार दिल्ली पुलिस ने उन्हें देशभक्ति गीत गाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में जज ने उनसे माफी मांगने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। माखन लाल सरकार ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, उन्होंने सिर्फ एक देशभक्ति गीत गाया है। इसके बाद जज ने उनसे वही गीत अदालत में सुनाने को कहा। जब उन्होंने गीत गाया तो जज इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पुलिस को आदेश दिया कि माखन लाल सरकार को फर्स्ट क्लास टिकट देकर सम्मान के साथ घर भेजा जाए और यात्रा के लिए 100 रुपये भी दिए जाएं।
सात सालों तक रहे जिला अध्यक्ष
माखन लाल सरकार 1980 में बीजेपी के गठन के बाद पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार नए सदस्य पार्टी से जोड़े थे। 1981 से लगातार सात साल तक जिला अध्यक्ष रहना भी उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
97 साल की उम्र में भी माखन लाल सरकार का राजनीति और राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंच से उनका सम्मान कर एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।