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अब ATM से चुटकियों में निकलेगा PF का पैसा, जानिए कैसे और क्या हैं इसकी शर्तें

अब ATM से चुटकियों में निकलेगा PF का पैसा, जानिए कैसे और क्या हैं इसकी शर्तें
अब ATM से चुटकियों में निकलेगा PF का पैसा, जानिए कैसे और क्या हैं इसकी शर्तें ( image - Facebook )

नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। EPFO जल्द ही ऐसी नई सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे PF से जुड़ी प्रक्रिया पहले से काफी आसान हो जाएगी। इस बदलाव का फायदा करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा और इमरजेंसी में पैसों तक पहुंच तेज होने की उम्मीद है।

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Dipali Kumari
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PF Money from ATM: देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार, बार-बार आवेदन या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO जल्द ही अपने नए डिजिटल सिस्टम ‘EPFO 3.0’ को लॉन्च करने जा रहा है, जिसके तहत कर्मचारी ATM और UPI के जरिए सीधे अपने PF खाते से पैसे निकाल सकेंगे।

जल्द शुरू होगी नई व्यवस्था

नई व्यवस्था को मई के अंत तक शुरू किए जाने की तैयारी है और इसे 2026 के मई-जून तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस फैसले से देश के करीब 7.8 करोड़ EPFO सब्सक्राइबर्स को सीधा फायदा मिलने वाला है। खास बात यह है कि इस नई तकनीक का मकसद पीएफ से जुड़े कामों को पूरी तरह आसान और पेपरलेस बनाना है।

चुटकियों में निकलेगा पीएफ का पैसा

अब तक पीएफ निकालने के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरना पड़ता था, जिसके बाद पैसे आने में 7 से 10 दिन तक लग जाते थे। कई बार तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी के कारण और भी ज्यादा समय लग जाता था। लेकिन EPFO 3.0 लागू होने के बाद इमरजेंसी के समय कर्मचारी तुरंत पैसा निकाल सकेंगे।

नई सुविधा के तहत कर्मचारी अपने पीएफ खाते से ATM के जरिए वैसे ही कैश निकाल पाएंगे जैसे बैंक खाते से डेबिट कार्ड के जरिए पैसे निकाले जाते हैं। वहीं UPI की मदद से गूगल पे, फोन पे या दूसरे ऐप्स के जरिए एक लाख रुपये तक की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी।

 PF में जमा कुल राशि का 50 प्रतिशत ही निकलेगा पैसा

हालांकि इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। कर्मचारी का UAN एक्टिव होना चाहिए और पीएफ अकाउंट PAN, बैंक खाते और जरूरी दस्तावेजों से लिंक होना अनिवार्य होगा। साथ ही ATM और UPI के जरिए कर्मचारी अपने PF में जमा कुल राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत तक ही निकाल सकेंगे।

पीएफ से जुड़े अन्य नियम

इसके अलावा शादी, मेडिकल इमरजेंसी, घर खरीदने या नौकरी छूटने जैसी परिस्थितियों में पहले से लागू निकासी नियम भी जारी रहेंगे। जैसे शादी के लिए 7 साल की नौकरी के बाद योगदान का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा सकता है, जबकि मेडिकल इमरजेंसी में नौकरी की अवधि जरूरी नहीं होगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।