रेत ट्रांसपोर्टर्स के समर्थन में उतरी शिवसेना, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
Nagpur Sand Transporters action Shivsena truck union Protest: नागपुर। नागपुर जिले के उमरेड, भिवापुर और रामटेक तालुका में वैध रॉयल्टी भरकर रेत परिवहन करने वाले अधिकृत ट्रांसपोर्टर्स पर पुलिस और प्रशासन द्वारा ‘प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट’ के तहत की जा रही कार्रवाई के विरोध में सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नागपुर शहर प्रमुख नितिन तिवारी के नेतृत्व में लगभग 250 से 300 ट्रांसपोर्टर्स ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
क्या है आरोप?
ज्ञापन में ट्रांसपोर्टर्स ने आरोप लगाया कि पूरी रॉयल्टी चुकाने के बावजूद केवल ट्रक चालकों और मालिकों को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य जिम्मेदार — रेत घाट मालिक और ‘शौर्य टेक’ महा माइनिंग ऐप (MahaMining App) कंपनी — को संरक्षण मिल रहा है।
जिलाधिकारी का आश्वासन
ट्रांसपोर्टर्स का पक्ष सुनने के बाद जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने ‘शौर्य टेक्नोसॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के जिम्मेदार प्रतिनिधियों को तुरंत तलब करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एसपी (SP), शौर्य टेक के प्रतिनिधि और ट्रांसपोर्टर्स की एक संयुक्त बैठक जल्द बुलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं एसपी (SP) से बात करेंगे ताकि बिना ठोस कारण के ट्रांसपोर्टर्स पर मामले दर्ज न हों।
जिलाधिकारी ने संयुक्त बैठक और जांच का दिया आश्वासन
शिवसेना शहर प्रमुख नितिन तिवारी ने कहा, “हम ‘महामाइनिंग’ के सिस्टम से ही नियमानुसार रॉयल्टी निकालते हैं। अगर गाड़ी ओवरलोड भरी जा रही है, तो इसे जनरेट करने वाले सॉफ्टवेयर और घाट मालिकों पर ‘आपराधिक साजिश’ के तहत कार्रवाई क्यों नहीं? अगर संयुक्त बैठक में न्याय नहीं मिला और अन्यायपूर्ण मामले वापस नहीं लिए गए, तो शिवसेना और लोकल ट्रक टिप्पर यूनियन उग्र आंदोलन करेगी।”
इस प्रतिनिधिमंडल में लोकल ट्रक टिप्पर यूनियन के पदाधिकारी और नागपुर जिले के सैकड़ों ट्रक व्यवसायी शामिल थे। अब सभी की नजर जिलाधिकारी द्वारा बुलाई जाने वाली उस संयुक्त बैठक पर टिकी है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र