ओवरलोडिंग के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों की एकजुट आवाज
Nagpur Trailer Owners Union overloading campaign Maharashtra: नागपुर। नागपुर ट्रेलर ओनर्स यूनियन ने ओवरलोडिंग के विरुद्ध एक व्यापक जनजागरण एवं कानूनी अभियान शुरू किया है। यूनियन का कहना है कि ओवरलोडिंग केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, अनुचित व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
यूनियन के अनुसार, कुछ लोग संबंधित अधिकारियों के संरक्षण में बड़े पैमाने पर ओवरलोड वाहन चला रहे हैं। जबकि ईमानदारी से काम करने वाले वाहन मालिकों पर मामूली त्रुटियों के लिए भारी जुर्माने लगाए जाते हैं। यूनियन का मानना है कि यह दोहरा मापदंड न केवल कानून के प्रति विश्वास कमजोर करता है, बल्कि वैध ट्रांसपोर्टरों के रोजगार पर भी सीधा असर डालता है।
आर्थिक और सामाजिक नुकसान
ओवरलोडिंग के कारण परिवहन दरें प्रभावित होती हैं, वाहनों को पर्याप्त काम नहीं मिलता और ट्रांसपोर्टरों की लागत बढ़ती जाती है। इसका खामियाजा उन हजारों परिवारों को भुगतना पड़ता है जो परिवहन व्यवसाय पर निर्भर हैं। बूटीबोरी क्षेत्र में फ्लाईओवर को हुई क्षति और उसकी मरम्मत पर हुआ अतिरिक्त सरकारी खर्च इसका ताजा उदाहरण है।
किन अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
यूनियन द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिलाधीश, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को निवेदन पत्र सौंपे जा रहे हैं। इसके साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महाराष्ट्र, परिवहन मंत्री महाराष्ट्र और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नई दिल्ली को विस्तृत ज्ञापन भेजे जा रहे हैं।
यूनियन की मांग
यूनियन ने मांग की है कि ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहन मालिकों, दलालों, माल लोड करने वाली पार्टियों और संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवहन क्षेत्र में समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जाए।
यूनियन ने सभी ट्रांसपोर्टरों, उद्योगों, व्यापारियों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ओवरलोडिंग को प्रोत्साहन न दें। “ओवरलोडिंग पर रोक लगाओ सड़क, समाज और देश बचाओ।”
संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र