जरूर पढ़ें

नागपुर: प्रख्यात जैन विद्वान मनोहरराव आग्रेकर का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

नागपुर: प्रख्यात जैन विद्वान मनोहरराव आग्रेकर का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
नागपुर: प्रख्यात जैन विद्वान मनोहरराव आग्रेकर का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

मध्य भारत के प्रसिद्ध जैन विद्वान और धर्मचिंतक मनोहरराव आग्रेकर का 1 जून को 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से जैन समाज में शोक की लहर है। आज नागपुर में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद गंगाबाई घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Updated:

Manoharrao Agrekar Passed Away: जैन समाज के जाने-माने विद्वान और धर्मगुरु मनोहरराव आग्रेकर का कल 1 जून को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से जैन समाज और उनके चाहने वालों में शोक का माहौल है। आज 2 जून को नागपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पत्नी, एक बेटी और चार बेटों को छोड़ गए मनोहरराव

मनोहरराव आग्रेकर अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और चार बेटों का परिवार छोड़ गए हैं। परिवार और रिश्तेदारों के साथ-साथ समाज के लोगों में भी उनके निधन से दुख की लहर है।

जानकारी के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा आज सुबह 10:30 बजे जगनाडे चौक स्थित सेव्हन स्टार हॉस्पिटल के सामने वृंदावन विहार अपार्टमेंट से निकलेगी। इसके बाद गंगाबाई घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों के उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है।

जैन धर्म की सेवा में बिताया जीवन

मनोहरराव आग्रेकर ने अपना पूरा जीवन जैन धर्म की सेवा और समाज के लिए काम करने में बिताया। धर्म के बारे में उनकी अच्छी जानकारी थी और लोग उनसे मार्गदर्शन लेने आते थे। उनके सरल स्वभाव और समाज के प्रति समर्पण के कारण उन्हें काफी सम्मान मिलता था।

उनके निधन पर जैन समाज के लोगों और कई सामाजिक संगठनों ने दुख जताया है। लोगों का कहना है कि उनके जाने से समाज ने एक अनुभवी और सम्मानित मार्गदर्शक को खो दिया है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग।
• जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।
• जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन।
• हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।