विस्फोटक इकाइयों में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
Explosive Rules 2008 amendment proposal Nagpur Maharashtra: नागपुर, 7 जून। नागपुर जिले में पिछले ढाई वर्षों के दौरान विस्फोटक निर्माण कंपनियों में हुई दुर्घटनाओं और जनहानि की गंभीर घटनाओं के बाद महाराष्ट्र सरकार अब ठोस कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार विस्फोटक नियम 2008 में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी। इस प्रस्ताव में वैश्विक सुरक्षा मानकों को अपनाने और उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिकतम स्तर तक स्वचालित बनाने की सिफारिश की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रामगिरी में यह प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के नेतृत्व वाले अध्ययन समूह ने तैयार किया गया मसौदा मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस समूह में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय के विशेषज्ञ और विस्फोटक निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

मसौदे में सुझाव दिया गया है कि जोखिमपूर्ण प्रक्रियाओं में रोबोट और स्वचालित तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए, ताकि खतरनाक क्षेत्रों में मानव उपस्थिति न्यूनतम रहे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्यप्रणालियां लागू करने की भी सिफारिश की गई है।
स्वचालित तकनीक के उपयोग पर दिया गया जोर
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने हाल की दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र को संशोधन प्रस्ताव भेजने के निर्देश पहले ही दे दिए थे। उसी के तहत यह अध्ययन कराया गया और मसौदा तैयार किया गया।
प्रस्तुतीकरण के अवसर पर राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय के निदेशक ए.आर. सोनटक्के, सहायक निदेशक गगन उपाध्याय तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और संशोधन प्रक्रिया की आगे की दिशा पर सबकी नजर रहेगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र