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सलमान खान के लिए थी गजनी, आमिर खान नहीं थे पहली पसंद – बोनी कपूर ने खोला राज

Boney Kapoor on Ghajini: सलमान खान थे पहली पसंद, आमिर खान नहीं - बोनी कपूर का खुलासा
Boney Kapoor on Ghajini: सलमान खान थे पहली पसंद, आमिर खान नहीं - बोनी कपूर का खुलासा (IG Photo)

फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने खुलासा किया कि गजनी की हिंदी रीमेक के लिए उनकी पहली पसंद सलमान खान थे, न कि आमिर खान। तेरे नाम में सलमान का लुक देखकर बोनी ने उन्हें परफेक्ट माना था। लेकिन मधु मंतेना ने रीमेक अधिकारों के मामले में उन्हें लटकाया और फिल्म आमिर के पास चली गई जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया।

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भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा देती हैं और इतिहास रच देती हैं। साल 2008 में आई आमिर खान की फिल्म गजनी ऐसी ही एक फिल्म थी। यह पहली हिंदी फिल्म थी जिसने भारत में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म में आमिर खान नहीं बल्कि सलमान खान को लिया जाना था? हाल ही में फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

बोनी कपूर का बड़ा खुलासा

बोनी कपूर ने एक साक्षात्कार में बताया कि जब उन्होंने सूर्या की तमिल फिल्म गजनी देखी थी, तो वह इसकी हिंदी रीमेक बनाने के लिए तुरंत तैयार हो गए थे। उस समय उनके दिमाग में मुख्य भूमिका के लिए सलमान खान का नाम था, न कि आमिर खान का। बोनी ने कहा कि सलमान की फिल्म तेरे नाम में उनकी शक्ल और अदाकारी देखकर उन्हें लगा कि वह इस किरदार के लिए एकदम सही होंगे।

तेरे नाम का कनेक्शन

बोनी कपूर ने समझाया कि तेरे नाम फिल्म के पहले हिस्से में सलमान के लंबे बाल थे, लेकिन अंतराल के बाद जब वह मानसिक रूप से बीमार लोगों के आश्रम में रहते हैं, तो उनका सिर मुंडा हुआ दिखाया गया था। बोनी को लगा कि सलमान का मजबूत शरीर और छोटे बालों वाला लुक गजनी के मुख्य किरदार के लिए बिल्कुल सही रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान की शारीरिक बनावट और अभिनय क्षमता इस भूमिका के लिए परफेक्ट थी।

रीमेक के अधिकार हासिल करने की कोशिश

बोनी कपूर ने बताया कि उन्होंने गजनी की हिंदी रीमेक के अधिकार हासिल करने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने मधु मंतेना से संपर्क किया जो उस समय इस फिल्म के अधिकारों से जुड़े हुए थे। लेकिन मधु मंतेना ने उन्हें लटकाए रखा और साफ जवाब नहीं दिया। बोनी ने कहा कि मधु मंतेना उन्हें उम्मीद दिलाते रहे लेकिन अंत में फिल्म के अधिकार उन्हें नहीं मिले।

कैसे आमिर के पास पहुंची फिल्म

जब बोनी कपूर को गजनी के रीमेक अधिकार नहीं मिले, तो यह फिल्म आमिर खान की प्रोडक्शन कंपनी के पास चली गई। आमिर ने न सिर्फ इस फिल्म में अभिनय किया बल्कि इसे प्रोड्यूस भी किया। आमिर खान ने इस किरदार के लिए अपने शरीर को पूरी तरह से बदल दिया और एक अलग ही अंदाज में इस भूमिका को निभाया।

गजनी की ऐतिहासिक सफलता

2008 में रिलीज हुई गजनी ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। यह पहली हिंदी फिल्म थी जिसने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। इस फिल्म की सफलता के बाद बॉलीवुड में 100 करोड़ क्लब की शुरुआत हुई। आमिर खान ने बाद में 3 इडियट्स से 200 करोड़ क्लब और पीके से 300 करोड़ क्लब की भी शुरुआत की। गजनी की कामयाबी ने बॉलीवुड में दक्षिण भारतीय फिल्मों की रीमेक बनाने का चलन शुरू कर दिया जो लगभग एक दशक तक चला।

फिल्म की कहानी और प्रभाव

गजनी एक एक्शन और रोमांस से भरी फिल्म थी जिसमें मुख्य किरदार को शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की बीमारी होती है। वह अपनी प्रेमिका की हत्या का बदला लेने के लिए निकलता है लेकिन हर 15 मिनट में उसकी याददाश्त खत्म हो जाती है। यह अनोखी कहानी और शानदार एक्शन सीन्स ने दर्शकों को सिनेमाघरों में खींच लिया था। आमिर खान का शारीरिक बदलाव और उनकी अदाकारी ने सबको प्रभावित किया।

दक्षिण फिल्मों की रीमेक का दौर

गजनी की सफलता के बाद बॉलीवुड निर्माताओं ने दक्षिण भारतीय फिल्मों की रीमेक बनाने में बहुत रुचि दिखाई। अगले दस सालों में कई तमिल, तेलुगू और मलयालम फिल्मों की हिंदी रीमेक बनाई गईं। कुछ सफल रहीं तो कुछ असफल, लेकिन इस ट्रेंड की शुरुआत गजनी से ही हुई थी। रौडी राठौर, बॉडीगार्ड, सिंघम और कई अन्य फिल्में इसी दौर की देन हैं।

सलमान बनाम आमिर का किरदार

अगर गजनी सलमान खान के साथ बनी होती तो यह फिल्म कैसी होती, यह एक दिलचस्प सवाल है। सलमान की एक्शन और रोमांटिक छवि इस किरदार के लिए अलग आयाम ला सकती थी। लेकिन आमिर की परफेक्शनिस्ट अप्रोच और किरदार के प्रति समर्पण ने फिल्म को एक अलग ऊंचाई दी। आमिर ने इस फिल्म के लिए महीनों जिम में पसीना बहाया और एक बिल्कुल नया लुक तैयार किया।

बॉलीवुड में रीमेक की राजनीति

बोनी कपूर का यह खुलासा बॉलीवुड में रीमेक अधिकारों की राजनीति को भी उजागर करता है। कई बार अच्छी फिल्मों के अधिकार हासिल करने के लिए निर्माताओं को लंबा इंतजार करना पड़ता है और कभी-कभी वे किसी और के पास चले जाते हैं। मधु मंतेना ने बोनी को लटकाए रखा और अंत में फिल्म आमिर के पास चली गई, यह फिल्म इंडस्ट्री की एक आम कहानी है।

गजनी की यह अनकही कहानी बताती है कि बॉलीवुड में कैसे एक फिल्म अपने असली रूप तक पहुंचती है। सलमान खान से आमिर खान तक का यह सफर दिलचस्प है। हालांकि हम कभी नहीं जान पाएंगे कि सलमान के साथ गजनी कैसी होती, लेकिन आमिर की गजनी ने जो इतिहास रचा वह हमेशा याद रखा जाएगा। बोनी कपूर का यह खुलासा फिल्म प्रेमियों के लिए एक नई जानकारी है जो बॉलीवुड के पर्दे के पीछे की दुनिया को समझने में मदद करती है।

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Asfi Shadab

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