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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: बापूजी के निधन वाले प्रोमो से मचा हड़कंप, क्या अब शो छोड़ देंगे ‘बापूजी’?

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: बापूजी के निधन वाले प्रोमो से मचा हड़कंप, क्या अब शो छोड़ देंगे ‘बापूजी’?
Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: बापूजी के निधन वाले प्रोमो से मचा हड़कंप, क्या अब शो छोड़ देंगे ‘बापूजी’? (File Photo)

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के नए प्रोमो में बापूजी के लापता होने और निधन जैसी खबर ने फैंस को चौंका दिया। जेठालाल परेशान नजर आए, जबकि सोशल मीडिया पर शो के ट्रैक को लेकर बहस तेज हो गई। अमित भट्ट के शो छोड़ने की अटकलें भी बढ़ीं।

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Dipali Kumari
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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: टीवी के सबसे लोकप्रिय पारिवारिक कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में एक बार फिर ऐसा मोड़ आया है, जिसने गोकुलधाम सोसायटी ही नहीं बल्कि दर्शकों को भी चौंका दिया है। शो के नए प्रोमो में जेठालाल अपने प्यारे बापूजी यानी चंपकलाल गड़ा को ढूंढते हुए बेहद परेशान नजर आ रहे हैं। खबर फैलती है कि बापूजी अचानक लापता हो गए हैं, और बस फिर क्या पूरी गोकुलधाम सोसायटी में हड़कंप मच जाता है।

बापूजी के खोने का प्रोमो आया सामने

प्रोमो में दिखाया गया है कि जेठालाल घबराए हुए हर घर के दरवाजे पर जाकर पूछ रहे हैं कि क्या बापूजी वहां हैं, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। परेशानी और बढ़ जाती है क्योंकि बापूजी अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर गए हैं, यानी उनसे संपर्क करने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में जेठालाल की बेचैनी और गोकुलधामवासियों की चिंता दोनों बढ़ती जाती हैं।

जहां एक तरफ सभी लोग चंपकलाल को लेकर चिंतित हैं, वहीं पोपटलाल अपनी शादी की चिंता में भी पीछे नहीं रहते। वह मजाकिया अंदाज में कहता है कि चाचाजी को जल्दी ढूंढो, क्योंकि उन्होंने उसके लिए रिश्ता ढूंढ रखा है। पोपटलाल की यह बात सुनकर बाकी सदस्य सिर पकड़ लेते हैं।

फोन पर मिली बापूजी के निधन की खबर

लेकिन असली झटका तब लगता है जब प्रोमो के आखिर में जेठालाल फोन पर किसी से बात करते हुए सुनते हैं “बापूजी तो चले गए… वो हम सबको छोड़कर चले गए।” यह सुनते ही जेठालाल का चेहरा उतर जाता है और वह बुरी तरह टूटते नजर आते हैं। इस डायलॉग ने फैंस को भावुक भी किया और हैरान भी।

 

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प्रोमो देख भड़के यूजर्स

हालांकि शो में सच में बापूजी की मौत दिखाई जाएगी या यह सिर्फ कोई गलतफहमी या कॉमिक ट्विस्ट है, इसका खुलासा एपिसोड ऑनएयर होने के बाद ही होगा। लेकिन सोशल मीडिया पर इस प्रोमो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई दर्शकों ने मेकर्स पर पुराने ट्रैक दोहराने का आरोप लगाया है। कुछ यूजर्स ने लिखा कि शो में अब नई कहानी और फ्रेश कंटेंट की जरूरत है।

वहीं कुछ फैंस यह अटकलें भी लगा रहे हैं कि क्या बापूजी का किरदार निभाने वाले अमित भट्ट शो छोड़ने वाले हैं? हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।